लाटू देवता मंदिर के कपाट खुले, श्रद्धालुओं के लिए शुरू हुए दर्शन


वाण में भक्ति और लोक संस्कृति की छटा, बलि प्रथा पर पूर्ण प्रतिबंध लागू
वाण/चमोली। हिमालयी सचल कुंभ के नाम से विश्वविख्यात श्री नंदादेवी राजजात यात्रा से जुड़े अंतिम आबादी वाले गांव वाण स्थित लाटू देवता मंदिर के कपाट विधिविधान के साथ आम श्रद्धालुओं के लिए खोल दिए गए। कपाट खुलने के साथ ही क्षेत्र में श्रद्धा और उत्साह का माहौल देखने को मिला।
कपाट उद्घाटन अवसर पर क्षेत्र के जनप्रतिनिधियों, गणमान्य लोगों और सैकड़ों श्रद्धालुओं की मौजूदगी रही। श्रद्धालुओं ने मां नंदा के भाई एवं क्षेत्र के आराध्य देव लाटू देवता के दर्शन कर सुख-समृद्धि और खुशहाली की कामना की।
इस दौरान थराली विधायक भूपाल राम टम्टा, पूर्व कैबिनेट मंत्री राजेन्द्र भण्डारी तथा जिला पंचायत अध्यक्ष दौलत बिष्ट सहित कई जनप्रतिनिधि मौजूद रहे।
कपाट उद्घाटन के मौके पर लाटू देवता मंदिर समिति एवं ग्राम पंचायत वाण द्वारा मंदिर परिसर में बलि प्रथा पर पूर्ण प्रतिबंध लागू करने का महत्वपूर्ण निर्णय भी प्रभावी किया गया, जिसका स्थानीय लोगों और श्रद्धालुओं ने स्वागत किया।
स्थानीय ग्रामीणों ने पारंपरिक जागरों के माध्यम से मां नंदा और लाटू देवता की स्तुति की। वहीं झूमेलो और झोड़ा जैसे पारंपरिक लोकनृत्यों ने पूरे वातावरण को भक्तिमय और सांस्कृतिक रंगों से सराबोर कर दिया।
ग्राम प्रधान नंदुली बिष्ट ने कहा कि विधिवत पूजा-अर्चना के बाद लाटू धाम के कपाट श्रद्धालुओं के लिए खोल दिए गए हैं। उन्होंने कहा कि ग्राम पंचायत वाण आने वाले सभी श्रद्धालुओं का स्वागत और अभिनंदन करती है।
