“₹10 हजार की उधारी और बेइज्जती बनी कत्ल की वजह, चमोली पुलिस ने ब्लाइंड मर्डर सुलझाया”


“प्रतिष्ठा व उधारी बनी मौत की वजह” — चमोली पुलिस ने ढाई महीने पुराने ब्लाइंड मर्डर का किया सनसनीखेज खुलासा, आरोपी गिरफ्तार
कर्णप्रयाग/चमोली। चमोली पुलिस ने करीब ढाई महीने पुराने अज्ञात शव (ब्लाइंड मर्डर) मामले का खुलासा करते हुए हत्यारोपी को गिरफ्तार कर लिया है। अलकनंदा नदी किनारे मिले शव की गुत्थी को सुलझाने में पुलिस की वैज्ञानिक जांच, तकनीकी साक्ष्य और सतत प्रयास निर्णायक साबित हुए।
पुलिस अधीक्षक सुरजीत सिंह पंवार के निर्देशन में तथा पुलिस उपाधीक्षक त्रिवेंद्र सिंह राणा के पर्यवेक्षण में गठित एसआईटी व एसओजी टीम ने इस सनसनीखेज मामले का सफल अनावरण किया।
नदी किनारे मिला था बंधा हुआ शव
10 मार्च 2026 को लंगासू क्षेत्र में चंडिका माता मंदिर के नीचे अलकनंदा नदी किनारे एक अज्ञात शव मिलने की सूचना पुलिस को मिली। मौके पर पहुंची टीम ने पाया कि मृतक के हाथ-पैर प्लास्टिक की रस्सी से बंधे हुए थे, जिससे हत्या की आशंका जताई गई। मृतक के हाथ पर “SOORAJ PUROHIT” अंकित था, लेकिन पहचान तत्काल नहीं हो सकी।
72 घंटे तक शिनाख्त के प्रयासों के बाद पोस्टमार्टम कर शव का अंतिम संस्कार कर दिया गया, साथ ही फिंगरप्रिंट और अन्य साक्ष्य सुरक्षित रखे गए।
टैटू बना पहचान की अहम कड़ी
जांच के दौरान हाथ पर लिखे नाम के आधार पर पुलिस ने ‘पुरोहित’ सरनेम वाले क्षेत्रों में पड़ताल शुरू की। गौचर क्षेत्र के बमोथ गांव से सुराग मिला, जहां से मृतक की पहचान की दिशा में जांच आगे बढ़ी।
23 मार्च को मृतक की पत्नी मंजू देवी ने सोशल मीडिया पर प्रसारित तस्वीरों के आधार पर शव की पहचान अपने पति सूरज पुरोहित के रूप में की। इसके बाद 24 मार्च को कर्णप्रयाग कोतवाली में हत्या का मुकदमा दर्ज किया गया।
सीसीटीवी फुटेज से खुला राज
जांच के दौरान सामने आया कि मृतक नंदप्रयाग स्थित एक होटल में ठहरा हुआ था और मधुबन ढाबे में काम कर रहा था। पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज खंगाले, जिसमें 16 फरवरी की रात आरोपी नरेन्द्र तोपाल को शव को कट्टे में भरकर अपनी कार (अल्टो UK12A-3212) में ले जाते हुए देखा गया। बाद में वह वाहन धोता हुआ भी नजर आया।
पूछताछ में कबूला जुर्म
सख्ती से पूछताछ करने पर आरोपी नरेन्द्र सिंह तोपाल (47) निवासी ग्राम धारकोट ने हत्या की बात स्वीकार कर ली। उसने बताया कि 16 फरवरी को उसने सूरज पुरोहित की हत्या कर शव को झूलाबगड़ पुल से अलकनंदा नदी में फेंक दिया।
उधारी और अपमान बना हत्या का कारण
आरोपी ने खुलासा किया कि उसने मृतक से ₹10,000 उधार लिए थे। मृतक शराब के नशे में उसे सार्वजनिक रूप से अपमानित करता था और बार-बार पैसे को लेकर बेइज्जती करता था। इसी से आहत होकर उसने हत्या की योजना बनाई और वारदात को अंजाम दिया।
महत्वपूर्ण बरामदगी व पुलिस को सम्मान
पुलिस ने घटना में प्रयुक्त कार और रस्सी बरामद कर ली है। एफएसएल टीम ने वाहन से साक्ष्य जुटाकर जांच के लिए भेजे हैं।
इस सफल अनावरण पर अपर पुलिस महानिदेशक एवं पुलिस महानिरीक्षक गढ़वाल परिक्षेत्र ने पुलिस टीम की सराहना करते हुए ₹5,000 का पुरस्कार प्रदान किया।
टीम का सराहनीय योगदान
प्रभारी निरीक्षक विनोद थपलियाल, वरिष्ठ उपनिरीक्षक संजय नेगी, उपनिरीक्षक देवेन्द्र पंत, मानवेन्द्र सिंह गुसाईं, अमनदीप सिंह, सतेन्द्र बुटोला सहित एसओजी टीम और अन्य पुलिसकर्मियों की भूमिका इस खुलासे में महत्वपूर्ण रही।
पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश करने की कार्रवाई शुरू कर दी है।
