नई शिक्षा नीति 2020 के तहत गौचर में शारीरिक प्रशिक्षण कार्यक्रम का शुभारंभ
स्वस्थ शरीर में ही स्वस्थ मस्तिष्क की कल्पना की जाती है, जिसके लिए शारीरिक व्यायाम व खेलकूद अत्यंत आवश्यक हैं। वहीं राज्य सरकार नई शिक्षा नीति 2020 के तहत शैक्षिक गतिविधियों के साथ-साथ शारीरिक व्यायाम को भी सरकारी विद्यालयों में अनिवार्य रूप से संचालित करा रही है। इसी क्रम में चमोली जनपद के जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान, गौचर में जिला स्तरीय शारीरिक शिक्षकों का पांच दिवसीय सेवारत प्रशिक्षण कार्यक्रम शुरू हुआ। कार्यक्रम का शुभारंभ जिला शिक्षा अधिकारी व डायट प्राचार्य आकाश सारस्वत ने दीप प्रज्वलित कर किया।
इस दौरान उन्होंने उपस्थित शारीरिक शिक्षकों को संबोधित करते हुए कहा कि शारीरिक शिक्षक की जिम्मेदारी विद्यार्थियों के प्रति अधिक महत्वपूर्ण हो जाती है, क्योंकि खेल गतिविधियों के माध्यम से ही शारीरिक व मानसिक विकास संभव है। विद्यालयी शिक्षा में खेलों को बढ़ावा देने के लिए सभी ब्लॉकों से चयनित व्यायाम शिक्षकों का यह प्रशिक्षण आयोजित किया गया है, ताकि स्कूली बच्चे देश-विदेश में अपनी खेल प्रतिभा का प्रदर्शन कर सकें।
आकाश सारस्वत, मुख्य शिक्षा अधिकारी, चमोली
वहीं इस कार्यक्रम के आयोजन में मुख्य समन्वयक व्यायाम शिक्षक योगम्बर सिंह बत्र्वाल की महत्वपूर्ण भूमिका रही। कार्यक्रम समन्वयक योगेंद्र बत्र्वाल ने बताया कि इस प्रशिक्षण में राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के उद्देश्यों पर विस्तार से चर्चा की जाएगी, साथ ही शारीरिक शिक्षा के विभिन्न पहलुओं पर भी विचार-विमर्श किया जाएगा।योगम्बर बत्र्वाल, मुख्य समन्वयक
इस कार्यक्रम में व्यायाम शिक्षकों को प्रशिक्षण देने के लिए मास्टर ट्रेनर भी नियुक्त किए गए हैं। मास्टर ट्रेनर के. सी. पंत का कहना है कि आज के आधुनिक जीवनशैली में बच्चों का शारीरिक रूप से सक्षम और मानसिक रूप से संतुलित होना बेहद जरूरी है। इस प्रशिक्षण का मुख्य उद्देश्य बच्चों के शारीरिक विकास को बढ़ावा देना और उनके मानसिक तनाव को कम करना है।
बाइट – के. सी. पंत, मास्टर ट्रेनर
