टैक्सी चालक की बेटी गीतिका बनी उत्तराखंड बोर्ड टॉपर, बोलीं- मेहनत और शिक्षकों के मार्गदर्शन से मिली सफलता
उत्तराखंड बोर्ड परीक्षा परिणाम में इस बार बागेश्वर की होनहार छात्रा गीतिका ने प्रदेश में पहला स्थान हासिल कर नया इतिहास रच दिया है। साधारण परिवार से आने वाली गीतिका की इस शानदार उपलब्धि से न केवल उनका परिवार बल्कि पूरा बागेश्वर जिला गौरवान्वित है।
गीतिका ने अपनी सफलता पर खुशी जताते हुए कहा कि उन्हें टॉप करने की बिल्कुल भी उम्मीद नहीं थी। रिजल्ट आने के बाद ही उन्हें इस बड़ी उपलब्धि का अहसास हुआ। उन्होंने कहा, मैंने कभी नहीं सोचा था कि मेरी पहली रैंक आएगी। यह मेरे लिए बेहद खुशी का पल है। मैंने सिर्फ मन लगाकर पढ़ाई की और शिक्षकों की बातों का पालन किया।
गीतिका के पिता टैक्सी चालक हैं। सीमित संसाधनों के बावजूद परिवार ने उनकी पढ़ाई में कोई कमी नहीं आने दी। गीतिका ने बताया कि उनके दादाजी, माता-पिता और मामा ने हर कदम पर उनका हौसला बढ़ाया। परिवार ने हमेशा आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया और आर्थिक स्थिति को पढ़ाई के आड़े नहीं आने दिया।
भविष्य की योजनाओं के बारे में गीतिका ने बताया कि वह इंजीनियर बनना चाहती हैं और इसी दिशा में आगे पढ़ाई करेंगी। उनका सपना है कि वह देश के लिए कुछ बेहतर करें और अपने परिवार का नाम रोशन करें।
गीतिका ने अपनी सफलता का श्रेय सरस्वती शिशु मंदिर इंटर कॉलेज, बागेश्वर को दिया, जहां उन्होंने कक्षा 1 से 12वीं तक शिक्षा प्राप्त की। उन्होंने कहा कि विद्यालय के शिक्षकों कविता मैम, रवींद्र सर, सतीश सर और प्रिया मैम ने निरंतर मार्गदर्शन दिया और हर कठिन समय में साथ खड़े रहे।
वहीं, गीतिका की माता मीनाक्षी ने भावुक होते हुए कहा, हमें अपनी बेटी पर बहुत गर्व है। हमने हमेशा उसे पढ़ाई के लिए प्रोत्साहित किया। घर की परिस्थितियां सामान्य थीं, लेकिन हमने कोशिश की कि उसे कभी किसी चीज की कमी महसूस न हो। उसकी मेहनत आज रंग लाई है।
विद्यालय के प्रबंधक इंद्र सिंह फर्स्वाण ने कहा कि गीतिका शुरू से ही मेधावी और अनुशासित छात्रा रही है। उसकी यह उपलब्धि पूरे क्षेत्र के लिए प्रेरणादायक है। यह साबित करता है कि मेहनत और सही मार्गदर्शन से कोई भी लक्ष्य हासिल किया जा सकता हैGeetika, daughter of a taxi driver, became the Uttarakhand Board topper and said that she achieved success due to hard work and guidance of teachers.।
