एक आंख का दान – दो जिंदगी में नई पहचान!”
राजकीय पॉलिटेक्निक कॉलेज रौली-ग्वाड़ में आयोजित हुआ नेत्रदान जागरूकता कार्यक्रम
रौली-ग्वाड़ (गोपेश्वर),
राष्ट्रीय नेत्रदान पखवाड़े (24 अगस्त से 8 सितंबर 2025) के अंतर्गत राजकीय पॉलिटेक्निक कॉलेज रौली-ग्वाड़ में स्वास्थ्य विभाग के सहयोग से एक जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य युवाओं में नेत्रदान के प्रति जागरूकता फैलाना और उन्हें इस महादान के लिए प्रेरित करना था।
इस अवसर पर जिला आई.ई.सी. अधिकारी उदय सिंह रावत ने विद्यार्थियों को नेत्रदान के महत्व पर विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने बताया कि,
“नेत्रदान एक महान मानवीय कार्य है, जिससे किसी दृष्टिहीन व्यक्ति की जिंदगी में उजाला लाया जा सकता है। एक व्यक्ति के नेत्रदान से दो दृष्टिहीन लोगों को दृष्टि मिल सकती है। मृत्यु के 6 घंटे के भीतर आंखें सुरक्षित की जा सकती हैं।”
उन्होंने यह भी बताया कि भारत में लाखों लोग अंधेपन से जूझ रहे हैं और नेत्रदान ही उनके जीवन में आशा की किरण बन सकता है। इसके लिए मृतक के परिजन नजदीकी नेत्र बैंक से संपर्क कर सकते हैं, जहां विशेषज्ञ डॉक्टरों द्वारा आंखें सुरक्षित तरीके से संरक्षित की जाती हैं।
रावत ने छात्रों से आह्वान किया कि वे नेत्रदान को अपनाकर मृत्यु के बाद भी अमरता की ओर एक कदम बढ़ाएं और किसी दृष्टिहीन की अंधेरी दुनिया में उजाला लाएं। कार्यक्रम में छात्रों ने भी इस नेक पहल का समर्थन करते हुए नेत्रदान के प्रति अपनी सकारात्मक भावना व्यक्त की।
