जनवरी तक जनपद के विद्यालयों को निपुण विद्यालय बनाने का संकल्प
जनपद के 897 प्राथमिक विद्यालयों में निपुण लक्ष्यों की प्राप्ति का संकल्प लिया गया है, आज जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान चमोली गौचर में हुई बैठक में मई प्रथम सप्ताह में जनपद के अधिकतम छात्र संख्या वाले 48 विद्यालयों के सर्वे का परिणाम प्रस्तुत किया गया जिसमें जनपद के नौ विकासखंडों के 48 प्राथमिक विद्यालयों में कक्षा एक और दो के बच्चों की वर्तमान स्थितियों के आकलन के डाटा का प्रस्तुतीकरण किया गया,
बैठक में बताया गया कि इन विद्यालयों का अगला सर्वे सितंबर अंतिम सप्ताह में होगा , साथ ही जुलाई एक तारीख को ग्रीष्मकालीन अवकाश के बाद विद्यालय खुलने के दिन समस्त विद्यालयों के प्रधानाध्यापकों के साथ ऑनलाइन बैठक की जाएगी, जनवरी में 20 सप्ताह के बाद एक और असेसमेंट सर्वे किया जाएगा इसके बाद इन विद्यालयों को परख सर्वे के बाद निपुण विद्यालय घोषित किया जाएगा,
भारत सरकार द्वारा भी मार्च 2027 में निपुण लक्ष्य प्राप्त करने का लक्ष्य रखा गया है l
बैठक में जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान के प्राचार्य आकाश सारस्वत ने निपुण लक्ष्यों को हर स्थिति में जनवरी माह में प्राप्त करने को कहा, प्राचार्य साथी का कि प्रत्येक विद्यालय को गुणवत्ता पर शिक्षा देने के लिए लक्ष्य निर्धारित करने होंगे l
बैठक में देवाल विकासखंड के खंड शिक्षा अधिकारी योगेंद्र प्रसाद सेमवाल , थराली विकासखंड के खंड शिक्षा अधिकारी भूपेंद्र ढोंडियाल, पोखरी विकासखंड की उप शिक्षा अधिकारी नेहा भट्ट सहित जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान के वरिष्ठ संकाय सदस्य राजेंद्र प्रसाद मैखुरी, वीरेंद्र सिंह कठैत, रविंद्र सिंह बर्त्वाल , योगेंद्र सिंह बर्त्वाल, बच्चन जितेला, डॉक्टर कमलेश कुमार मिश्र, सुबोध कुमार डिमरी , नीतू सूद, सुमन भट्ट , मृणाल जोशी उपस्थित रहे,
बैठक में समग्र शिक्षा के जिला समन्वयक सतीश चमोली, ज्योति नेगी और प्रियंका उनियाल के साथ-साथ अजीम प्रेम जी फाउंडेशन से विवेक सोनी और अब्दुल रहमान खान भी उपस्थित रहे l
बैठक में इस संपूर्ण कार्यक्रम की मुख्य सहयोगी संस्था रूम टू रीड की राज्य समन्वयक पुष्पलता रावत, प्रशांत बर्त्वाल , अनीता चंदोला, निशांत वशिष्ठ, उमाशंकर और अशोक सकलानी उपस्थित रहे, उद्घाटन सत्र का संचालन प्रशांत बर्त्वाल द्वारा किया गया,
क्या हैं निपुण लक्ष्य
कक्षा 1:
99 तक की संख्याएं पढ़ और लिख लेते हैं तथा एक अंक वाले जोड़ एवं घटाव के 75% प्रश्न सही हल कर लेते हैं।
कक्षा 2: 999 तक की संख्याएं पढ़/लिख लेते हैं और 99 तक के जोड़ व दो अंकीय घटाव के 75% प्रश्न सही हल कर लेते हैं।
कक्षा 3: 9999 तक की संख्याएं पढ़/लिख लेते हैं और 2 से 10 तक संख्याओं का गुणा (गुणनफल 100 तक) तथा तीन अंकीय जोड़-घटाव के 75% प्रश्न सही हल कर लेते
हैं।
हिंदी
कक्षा 1: उपयुक्त किसी अज्ञात पाठ ( अपठिथ पैसेज) से 4-5 सरल शब्दों वाले
छोटे वाक्य पढ़ लेते हैं।
कक्षा 2: अनुच्छेद को 45 शब्द प्रति मिनट के प्रवाह से पढ़ लेते हैं और उसे पढ़कर 75% प्रश्नों को सही हल कर लेते हैं।
कक्षा 3: अनुच्छेद को 60 शब्द प्रति मिनट के प्रवाह से पढ़ लेते हैं और उसे पढ़कर 75% प्रश्नों को सही हल कर लेते हैं।
