पोखरी में भारतीय भाषा समर कैम्प बना छात्राओं के हुनर का मंच
राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के तहत स्कूली बच्चों के सर्वांगीण विकास के लिए राज्य व केंद्र सरकार द्वारा लगातार विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। इसी क्रम में उत्तराखंड के सभी शासकीय एवं अशासकीय विद्यालयों में भारतीय भाषा समर कैम्प आयोजित किए जा रहे हैं। इन कैम्पों के माध्यम से स्कूली बच्चों को कला, संगीत, नृत्य और विभिन्न भारतीय भाषाओं का ज्ञान दिया जा रहा है।
चमोली जनपद के दूरस्थ विकासखंड पोखरी स्थित राजकीय सीनियर बालिका इंटर कॉलेज पोखरी में भी छात्राओं के लिए भारतीय भाषा समर कैम्प आयोजित किया जा रहा है। इस कैम्प में छात्राओं की प्रतिभा को निखारने के लिए शिक्षिकाओं द्वारा स्थानीय लोकनृत्य, लोकगीत, पेंटिंग, विभिन्न भारतीय भाषाओं का ज्ञान तथा पाक कला जैसी गतिविधियां सिखाई जा रही हैं।

कार्यक्रम की समन्वयक अध्यापिका पूनम रानी रावत ने बताया कि राज्य सरकार द्वारा आयोजित भारतीय भाषा समर कैम्प का उद्देश्य राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के उद्देश्यों को बढ़ावा देना है।पूनम रानी रावत, कार्यक्रम समन्वयक
कैम्प के दौरान शिक्षिकाओं द्वारा छात्राओं को लोकनृत्य, लोकगीत और पेंटिंग जैसी रचनात्मक गतिविधियों के लिए प्रेरित किया जा रहा है। शिक्षिका इन्दू भारती ने कहा कि भारत सरकार द्वारा आयोजित यह समर कैम्प बच्चों के लिए बेहद लाभकारी साबित हो रहा है। वहीं शिक्षिका अनुराधा राणा का कहना है कि इस कैम्प के माध्यम से छात्राओं के सर्वांगीण विकास पर विशेष कार्य किया जा रहा है।
भारतीय भाषा समर कैम्प को लेकर छात्राएं भी काफी उत्साहित नजर आ रही हैं। छात्रा अदिति, आरूषी और आंचल का कहना है कि इस कैम्प में उन्हें भारतीय भाषाओं के साथ-साथ पेंटिंग और नृत्य कला भी सिखाई जा रही है, जिससे पढ़ाई के साथ उनकी अन्य प्रतिभाएं भी विकसित हो रही हैं।
