बद्रीनाथ मार्ग पर आवारा पशु बने खतरा, चारधाम यात्रा के बीच बढ़ी चिंता।


उत्तराखण्ड में चारधाम यात्रा धीरे-धीरे रफ्तार पकड़ रही है और शासन-प्रशासन श्रद्धालुओं की सुविधाओं को दुरुस्त करने में जुटा है। लेकिन इसी बीच बद्रीनाथ मार्ग पर आवारा पशु यात्रियों और स्थानीय लोगों के लिए बड़ी समस्या बनते जा रहे हैं।
गौचर से लेकर कर्णप्रयाग होते हुए बद्रीनाथ धाम तक सड़क किनारे और बीच मार्ग में घूम रहे पशु हादसों का कारण बन रहे हैं। खासकर कर्णप्रयाग और गौचर नगर क्षेत्रों में ये पशु अचानक वाहनों के सामने आ जाते हैं, जिससे दुर्घटनाओं का खतरा लगातार बना हुआ है।
परिवहन विभाग चमोली ने इस समस्या को गंभीरता से लेते हुए संबंधित नगर पालिकाओं को निर्देशित करने की बात कही है। सहायक संभागीय परिवहन अधिकारी कर्णप्रयाग अभिषेक भटगांई के अनुसार, सड़कों पर आवारा पशुओं के कारण वाहन दुर्घटनाओं की आशंका बढ़ रही है, जिसके लिए जनजागरूकता अभियान भी चलाए जा रहे हैं।
वहीं, बद्रीनाथ और हेमकुण्ड साहिब जैसे प्रमुख तीर्थ स्थलों के केंद्र कर्णप्रयाग में आवारा पशुओं की संख्या लगातार बढ़ रही है। नगर पालिका के अधिशासी अधिकारी नरेन्द्र रावत का कहना है कि बाहरी क्षेत्रों से गौवंश को यहां छोड़ा जा रहा है, जिस पर प्रशासन की नजर है और ऐसे लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जा रही है।
