चमोली में 9–14 वर्ष की बालिकाओं को एचपीवी वैक्सीन लगाने की तैयारी पूरी, स्वास्थ्य विभाग युद्धस्तर पर जुटा


चमोली:केंद्र सरकार आमजन के स्वास्थ्य संरक्षण को लेकर समय-समय पर आवश्यक टीकाकरण कार्यक्रम संचालित कर रही है। इसी क्रम में भारत सरकार द्वारा 9 से 14 वर्ष की बालिकाओं को सर्वाइकल (गर्भाशय ग्रीवा) कैंसर से बचाव के लिए ह्यूमन पैपिलोमा वायरस (एचपीवी) वैक्सीन लगाए जाने की तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। सीमांत जनपद चमोली में भी स्वास्थ्य विभाग द्वारा एचपीवी वैक्सीनेशन को लेकर व्यापक स्तर पर तैयारियां की जा रही हैं।
जिलाधिकारी गौरव कुमार ने बताया कि इस संबंध में सभी संबंधित विभागों के साथ जिला स्तरीय बैठक आयोजित की गई है। वैक्सीनेशन के सफल संचालन के लिए जन-जागरूकता अभियान चलाने के साथ-साथ टीकाकरण की व्यवस्थाएं सुनिश्चित की जा रही हैं।
वहीं मुख्य चिकित्साधिकारी चमोली डॉ. अभिषेक गुप्ता ने बताया कि एचपीवी वैक्सीन 14 वर्ष की आयु पूर्ण कर चुकी बालिकाओं को लगाई जानी है। इसके लिए शिक्षा विभाग और महिला एवं बाल विकास विभाग से पात्र बालिकाओं की सूची मंगवाई गई है, ताकि टीकाकरण सुचारू रूप से किया जा सके।
आपको बता दें कि एचपीवी (ह्यूमन पैपिलोमा वायरस) वैक्सीन एक सुरक्षित और लगभग 97 प्रतिशत तक प्रभावी टीका है। यह महिलाओं में सर्वाइकल कैंसर के साथ-साथ योनि और वल्वा कैंसर के कारण बनने वाले वायरस से सुरक्षा प्रदान करता है। यह टीका 9 से 14 वर्ष की आयु में, यौन सक्रिय होने से पहले लगवाना सबसे प्रभावी माना जाता है, हालांकि 26 वर्ष तक की आयु के लोग भी चिकित्सकीय सलाह पर यह टीका लगवा सकते हैं।
एचपीवी वैक्सीन जननांगों पर होने वाले मस्सों के साथ-साथ एचपीवी के कारण होने वाले योनि, वल्वा, लिंग, गुदा, मुंह, गले, सिर और गर्दन के कैंसर से भी सुरक्षा प्रदान करती है। हालांकि गर्भावस्था के दौरान यह टीका नहीं दिया जाता है। यदि किसी व्यक्ति को पहली खुराक के बाद गंभीर एलर्जी हुई हो या किसी प्रकार की जानलेवा एलर्जी हो, तो टीका नहीं लगाया जाता। इसके अलावा, मध्यम या गंभीर बीमारी की स्थिति में स्वस्थ होने के बाद ही टीकाकरण कराने की सलाह दी जाती है।
स्वास्थ्य विभाग ने आमजन से अपील की है कि वे इस महत्वपूर्ण टीकाकरण अभियान में सहयोग करें, ताकि भविष्य में सर्वाइकल कैंसर जैसी गंभीर बीमारी से बालिकाओं को सुरक्षित किया जा सके।
