September 17, 2026

श्रावण मास के पहले सोमवार में श्री केदारनाथ धाम सहित शिव मंदिरों में तीर्थयात्रियों ने किया  जलाभिषेक। 

On the first Monday of Shravan month, pilgrims performed Jalabhishek at Shiva temples including Shri Kedarnath Dham.

बड़ी संख्या में कांवडिये जलाभिषेक के लिए केदारनाथ धाम पहुंचे।

श्री केदारनाथ- बदरीनाथ धाम: श्रावण मास के प्रथम सोमवार के दिन तीर्थयात्रियों ने बाबा केदारनाथ का जलाभिषेक किया वहीं भगवान केदारनाथ के जलाभिषेक के लिए बड़ी संख्या में कांवड़ियों के पहुंचने का सिलसिला भी जारी है।

श्री बदरीनाथ धाम स्थित आदि केदारेश्वर मंदिर में बड़ी संख्या में तीर्थयात्रियों ने जलाभिषेक किया तथा भगवान भोलेनाथ की प्रार्थना की।

श्री बदरीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति (बीकेटीसी) अध्यक्ष अजेंद्र अजय ने बताया कि इस यात्रा वर्ष अभी तक 10 लाख 62 हजार से अधिक तीर्थयात्री श्री केदारनाथ धाम के दर्शन को पहुंच चुके है।

मई-जून में बड़ी संख्या में तीर्थयात्री भगवान केदारनाथ के दर्शन को पहुंचे बरसात में श्रद्धालुओं की संख्या में प्रत्येक वर्ष की भांति गिरावट देखी गयी
लेकिन यात्रा गतिमान रही।

बीकेटीसी मुख्य कार्याधिकारी योगेंद्र सिंह ने केदारनाथ धाम से बताया है कि अब सावन माह शुरू होते ही तीर्थयात्रियों के साथ ही दूर-दूर से कांवड़ी भी जलाभिषेक को पहुंचने शुरू हो गये है।आज सावन के पहले सोमवार को तीर्थयात्रियों में विशेष उत्साह देखा गया सुबह से ही तीर्थयात्री एवं स्थानीय लोग भगवान केदारनाथ जी के जलाभिषेक के लिए मंदिर पहुंचे।

सावन माह के प्रथम सोमवार को कांवड़ियो एवं तीर्थयात्रियों के केदारनाथ मंदिर जलाभिषेक एवं दर्शन हेतु पहुंचने पर मंदिर समिति की ओर से मुख्य पुजारी शिवशंकर लिंग, समन्वयक आरसी तिवारी वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी यदुवीर पुष्पवान, लेखाकार प्रमोद बगवाड़ी,वेदपाठी स्वयंबर सेमवाल, लोकेंद्र रिवाड़ी, विपिन तिवारी, प्रदीप सेमवाल,कुलदीप धर्म्वाण, विक्रम रावत, राजीव गैरोला,ललित त्रिवेदी ने तीर्थयात्रियों तथा कांवड़ियों का स्वागत किया।

वहीं बीकेटीसी मीडिया प्रभारी डा.हरीश गौड़ ने अवगत कराया है कि श्री बदरीनाथ धाम स्थित आदिकेदारेश्वर मंदिर में बड़ी संख्या में तीर्थयात्रियों ने जलाभिषेक किया।श्री विश्वनाथ मंदिर गुप्तकाशी, श्री ओंकारेश्वर मंदिर उखीमठ सहित अन्य शिव मंदिरों में बड़ी संख्या में तीर्थयात्री एवं स्थानीय श्रद्धालुओं ने जलाभिषेक किया।

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