नैणी में भूस्खलन से कई मकानों पर मंडराया खतरा, ग्रामीणों में दहशत
भुस्खलन से आवासीय समकानों को खतरा
चमोली जनपद में बीते दो दिनों से हुई लगातार बारिश का असर अब आम जनजीवन पर दिखाई देने लगा है। ताजा मामला विकासखंड कर्णप्रयाग के नैणी गांव का है, जहां सड़क से लगातार आ रहे पानी के कारण सड़क का एक बड़ा हिस्सा भूस्खलन की चपेट में आ गया है। भूस्खलन से कई आवासीय मकानों को खतरा पैदा हो गया है, जबकि कृषि भूमि को भी भारी नुकसान पहुंचा है।
नैणी गांव में सड़क से पानी की उचित निकासी नहीं होने के कारण हालात लगातार बिगड़ रहे हैं। सड़क का पानी भूस्खलन के साथ आवासीय मकानों के नीचे तक पहुंच रहा है, जिससे प्रभावित परिवारों में दहशत का माहौल है।
ग्रामीणों का आरोप है कि सड़क पर पानी की निकासी के लिए उचित व्यवस्था और स्कबर नहीं बनाए जाने के कारण यह स्थिति पैदा हुई है। उनका कहना है कि यदि समय रहते पानी की निकासी की व्यवस्था नहीं की गई तो उनके मकानों को और अधिक नुकसान हो सकता है।
भूस्खलन से प्रभावित आवासीय मकानों और कृषि भूमि का जायजा लेने के लिए प्रशासन और संबंधित विभागों की टीम भी मौके पर पहुंची। अधिकारियों ने ग्रामीणों के साथ बैठक कर समस्या को सुना और पानी की निकासी की व्यवस्था कर समस्या के समाधान का आश्वासन दिया।
उपजिलाधिकारी कर्णप्रयाग अलकेश नौडियाल ने बताया कि जसपुर-नैणी मार्ग पर पूर्व में पानी की निकासी को लेकर सहमति नहीं बन पाई थी, लेकिन अब ग्रामीणों और संबंधित विभाग के बीच सहमति बन गई है। उन्होंने कहा कि पानी की निकासी की व्यवस्था कर समस्या का समाधान किया जाएगा।
अलकेश नौडियाल, उपजिलाधिकारी कर्णप्रयाग
