दो महिलाओं की मौत के बाद भी नहीं पकड़ा गया भालू, ग्रामीणों में दहशत
पोखरी/चमोली। विकासखंड पोखरी की ग्राम पंचायत नैल के सिदेली तोक में भालू के हमले में दो महिलाओं की मौत के करीब एक माह बाद भी ग्रामीणों को भालू के आतंक से निजात नहीं मिल पाई है। ग्रामीणों का कहना है कि वन विभाग की ओर से भालू को पकड़ने के लिए पिंजरे लगाए गए हैं, लेकिन अब तक भालू पकड़ा नहीं जा सका है। पिंजरों में रखी घास सूख गई, लेकिन भालू पिंजरे तक नहीं पहुंचा।
कुलेन्डू में घर के समीप दिखा भालू
सिदेली के साथ ही कुलेन्डू क्षेत्र में भी भालू की लगातार चहलकदमी से ग्रामीणों में दहशत बनी हुई है। ग्रामीणों के अनुसार हाल ही में रात करीब नौ बजे एक महिला खाना खाने के बाद बर्तन धो रही थी। इसी दौरान उसकी नजर घर के समीप मौजूद भालू पर पड़ी। महिला ने किसी तरह वहां से भागकर अपनी जान बचाई। ग्रामीणों का कहना है कि समय रहते भालू दिखाई देने से बड़ी अनहोनी टल गई।
मडुआ और जौगोरा की फसलों को भी नुकसान
ग्रामीणों के मुताबिक सिदेली क्षेत्र में भालू मडुआ और मक्का की फसलों को नुकसान पहुंचा रहा है। इन दिनों खेतों में मडुआ और जौगोरा की लवाई का काम चल रहा है, लेकिन भालू के डर से ग्रामीण, खासकर महिलाएं, खेतों में जाने से कतरा रही हैं।
चारापत्ती लेने जंगल जाने में भी ग्रामीणों को डर लग रहा है। दिन के समय भी गांव के आसपास भालू की मौजूदगी की आशंका के चलते लोग अकेले बाहर निकलने से बच रहे हैं।
ग्रामीणों ने वन विभाग की कार्रवाई पर उठाए सवाल
ग्रामीणों ने वन विभाग की कार्यप्रणाली पर नाराजगी जताते हुए आरोप लगाया कि भालू को पकड़ने के लिए लगाए गए पिंजरे प्रभावी साबित नहीं हो रहे हैं और कार्रवाई महज खानापूर्ति तक सीमित है। ग्रामीणों ने मांग की है कि भालू को पकड़ने के लिए तत्काल प्रभावी कदम उठाए जाएं और संवेदनशील गांवों में सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए जाएं।
आंदोलन की चेतावनी
ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही भालू को पकड़कर ग्रामीणों को उसके आतंक से निजात नहीं दिलाई गई तो वन विभाग के खिलाफ आंदोलन किया जाएगा। ग्रामीणों का कहना है कि क्षेत्र में पहले ही भालू के हमले में दो महिलाओं की जान जा चुकी है। ऐसे में अब किसी और अनहोनी का इंतजार नहीं किया जा सकता।
हाइलाइट:
- दो महिलाओं की मौत के बाद भी करीब एक माह से भालू नहीं पकड़ा गया।
- सिदेली और कुलेन्डू में लगातार भालू की चहलकदमी।
- घर के समीप भालू देखकर महिला ने भागकर बचाई जान।
- झंगोरा,मडुआ, मक्का और गोरा की फसलों को नुकसान की शिकायत।
- पिंजरों में रखी घास सूखी, लेकिन भालू नहीं फंसा।
- ग्रामीणों ने जल्द कार्रवाई नहीं होने पर आंदोलन की चेतावनी दी।
