August 10, 2026

जानिए आज भी आयुर्वेद में क्यों दी जाती है मिट्टी के बर्तन में खाना पकाने की सलाह

आज के आधुनिक दौर में बाजार में कई तरह के बर्तनों का चलन है, लेकिन मिट्टी के बर्तन आज भी उतने ही उपयोगी और कारगर है जितने प्राचीन समय में थे। हालांकि अब शहरों में लोगों द्वारा मिट्टी के बर्तन का इस्तेमाल नहीं होता है। मिट्टी के बर्तनों में खाना बनाने में समय थोड़ा ज्यादा जरूर लगता है। लेकिन इसमें ऐसे पोषक तत्व मिलते हैं जो हर बीमारी को शरीर से दूर रखते हैं। इतना ही नहीं अगर मिट्टी के बर्तन में खाना खाया जाए तो उसका स्वाद भी अलग ही होता है। मिट्टी के बर्तन में खाने के स्वाद का पता आप कुल्हड़ वाली चाय से लगा सकते हैं। चाय को आप कप में पिएं तो अलग स्वाद आएगा और यदि वही चाय आप कुल्हड़ में पिएंगे तो स्वाद बढ़ जाता है। ऐसे में अगर पूरा खाना ही मिट्टी के बर्तनों में बने तो स्वाद का जायका ही बदल जाएगा। वहीं आयुर्वेद द्वारा भी मिट्टी के बर्तन में खाना बनाने की सलाह दी जाती है। तो चलिए जानते हैं हांडी में खाना बनाने के क्या-क्या फायदे हैं…….

1 अगर आप कम तेल में खाना पकाना चाहते हैं, तो हांडी में खाना पकाना अच्छा ऑप्शन है। आप अपनी पसंद का खाना इसमें मात्र 1 चम्मच तेल के साथ आराम से पका सकते हैं। ये स्लो कुकिंग प्रोसेस है, जो नैचुरली तेल छोड़ता है। ऐसे में खाना स्वादिष्ट और हेल्दी बनता है।
2 मिट्टी प्राकृतिक रूप से क्षारीय प्रकृति की होती है। गर्म होने पर मिट्टी भोजन में मौजूद एसिड के साथ परस्पर क्रिया करती है, ये पीएच स्तर को न्यूट्रलाइज करती है और भोजन को पचाने में आसान बनाती है।
3 मिट्टी के बर्तन में खाना बनाने से सभी न्यूट्रिएंट्स खाने में शामिल हो जाते हैं जो इसके स्वाद को बढ़ा देते हैं।
4 स्टील और नॉन स्टिक के मुकाबले, मिट्टी की हांडी सस्ती आती है। ये आसानी से किसी भी दुकान पर मिल जाती है।

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