मायस्थीनिया ग्रेविस से पीड़ित 65 वर्षीय महिला की वेलमेड हॉस्पिटल में सफल CABG सर्जरी
मायस्थीनिया ग्रेविस से पीड़ित 65 वर्षीय महिला की वेलमेड हॉस्पिटल में सफल CABG सर्जरी
देहरादून। वेलमेड हॉस्पिटल, देहरादून में मायस्थीनिया ग्रेविस (Myasthenia Gravis) से पीड़ित 65 वर्षीय महिला की जटिल कोरोनरी आर्टरी बाईपास ग्राफ्टिंग (CABG) सर्जरी सफलतापूर्वक संपन्न की गई। अस्पताल प्रबंधन के अनुसार यह सर्जरी कार्डियक सर्जरी, कार्डियक एनेस्थीसिया और विशेषज्ञ चिकित्सा टीम के समन्वित प्रयासों से संभव हो सकी।
अस्पताल के अनुसार मायस्थीनिया ग्रेविस एक न्यूरोमस्कुलर बीमारी है, जिसमें बड़ी सर्जरी के दौरान एनेस्थीसिया और मसल रिलैक्सेंट दवाओं के प्रति मरीज अधिक संवेदनशील होता है। ऐसे मामलों में ऑपरेशन के बाद मरीज को वेंटिलेटर से हटाना भी चुनौतीपूर्ण माना जाता है।
यह सर्जरी वेलमेड हॉस्पिटल के कार्डियोथोरेसिक एवं वैस्कुलर सर्जन (CTVS) डॉ. रोहित कुमार चौहान के नेतृत्व में की गई, जबकि कार्डियक एनेस्थीसिया विशेषज्ञ डॉ. राहुल सोती ने एनेस्थीसिया एवं पेरीऑपरेटिव प्रबंधन की जिम्मेदारी संभाली।
अस्पताल के मुताबिक मरीज की स्थिति को देखते हुए सर्जरी के दौरान एनेस्थीसिया एवं मसल रिलैक्सेंट दवाओं का नियंत्रित उपयोग किया गया। सावधानीपूर्वक प्रबंधन के चलते सर्जरी के लगभग एक घंटे बाद ही मरीज को सफलतापूर्वक वेंटिलेटर से हटा लिया गया, जिसे इस जटिल मामले में महत्वपूर्ण उपलब्धि माना जा रहा है।
इस सर्जरी में सर्जन असिस्टेंट शंकर एवं उपेंद्र, परफ्यूज़निस्ट जितेश, स्क्रब नर्स दीपिका असवाल तथा ओटी टेक्नीशियन राहुल कुमार और आशीष ने भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
CTVS सर्जन डॉ. रोहित कुमार चौहान ने बताया कि मायस्थीनिया ग्रेविस से पीड़ित मरीजों में CABG जैसी बड़ी हृदय सर्जरी के दौरान सर्जिकल प्लानिंग, एनेस्थीसिया प्रबंधन और पोस्ट-ऑपरेटिव देखभाल अत्यंत महत्वपूर्ण होती है। उन्होंने कहा कि पूरी टीम के समन्वित प्रयासों से मरीज का सफल उपचार संभव हो सका।
कार्डियक एनेस्थीसिया विशेषज्ञ डॉ. राहुल सोती ने कहा कि मायस्थीनिया ग्रेविस के मरीजों में एनेस्थीसिया के दौरान दवाओं की उचित मात्रा का चयन, लगातार निगरानी और समय पर वेंटिलेटर से हटाने की रणनीति उपचार की सफलता में अहम भूमिका निभाती है।
अस्पताल प्रबंधन का कहना है कि यह सफलता विशेषज्ञ चिकित्सकों, आधुनिक कार्डियक सुविधाओं और मल्टीडिसिप्लिनरी टीमवर्क का परिणाम है तथा गंभीर हृदय रोगियों को बेहतर उपचार उपलब्ध कराने की दिशा में संस्थान की प्रतिबद्धता को दर्शाती है।
