कांवड़ यात्रा की भीड़ में बिछड़ा 16 वर्षीय किशोर, पुलिस की सूझबूझ से भाई से मिला



शंकराचार्य चौक पर रात डेढ़ बजे अकेला भटक रहा था किशोर, हेड कांस्टेबल बिजेंद्र सिंह भंडारी की सूझबूझ से परिवार से हुआ मिलन
हरिद्वार। कांवड़ यात्रा के दौरान हरिद्वार में उमड़ी भारी भीड़ के बीच अपने परिवार से बिछड़े 16 वर्षीय किशोर को पुलिसकर्मी की सूझबूझ और मानवीय पहल के चलते उसके परिजनों से मिलाया गया। घटना शंकराचार्य चौक की है, जहां देर रात करीब 1:30 बजे किशोर अकेला और परेशान हालत में पुलिस को मिला।
जानकारी के अनुसार दिल्ली निवासी 16 वर्षीय आदित्य अपने भाई, दोस्तों और परिवार के साथ कांवड़ लेने हरिद्वार आया था। भीड़ के बीच वह अपने परिवार से बिछड़ गया। किशोर के पास न पैसे थे और न ही परिवार के किसी सदस्य का फोन नंबर। काफी देर तक वह अपने परिजनों की तलाश में इधर-उधर भटकता रहा।

इसी दौरान शंकराचार्य चौक पर ड्यूटी में तैनात हेड कांस्टेबल बिजेंद्र सिंह भंडारी (PNO-1195) की नजर किशोर पर पड़ी। उन्होंने आदित्य से पूरी जानकारी ली और उसे भरोसा दिलाते हुए उसके परिवार से संपर्क करने का प्रयास शुरू किया। किशोर से बातचीत के दौरान पुलिसकर्मी ने पूछा कि क्या उसका भाई Instagram चलाता है। आदित्य के हां कहने पर हेड कांस्टेबल बिजेंद्र सिंह भंडारी ने Instagram के माध्यम से उसके भाई निश्चित चौहान को तलाश किया। संपर्क होने के बाद पुलिसकर्मी ने उनसे फोन पर बातचीत की और उन्हें शंकराचार्य चौक पर बुलाया।
कुछ ही देर में आदित्य का भाई मौके पर पहुंच गया और पुलिस की मौजूदगी में दोनों भाइयों का मिलन हुआ। परिवार से मिलने के बाद किशोर ने राहत की सांस ली।
पुलिसकर्मी बिजेंद्र सिंह भंडारी की इस पहल ने एक बार फिर साबित किया कि ड्यूटी के साथ संवेदनशीलता और सूझबूझ भी पुलिसिंग का अहम हिस्सा है। कांवड़ यात्रा जैसी भीड़भाड़ वाली परिस्थितियों में पुलिसकर्मियों की सतर्कता और मानवीय व्यवहार श्रद्धालुओं के लिए बड़ी मदद साबित हो रहा है।
हेड कांस्टेबल बिजेंद्र सिंह की इस पहल की स्थानीय स्तर पर सराहना की जा रही है।
