श्रीनंदाधाम नौटी में हरियाली पुडा का आयोजन, लोकसंस्कृति को संजोने की पहल


उत्तराखंड में लोकपरम्परात उत्सव, मेला, व त्यौहार मनाने की परम्परा सदियो पुरानी है। इसी क्रम चैत्र मास में विवाहित बेटियो को भेंट उपहार देने की परम्परा आज भी निभायी जाती है जिसे भेंटुली या आलू कलेऊ कहा जाता है । वही इस परम्परा को चमोली जनपद के कर्णप्रयाग विकासखंड श्रीनंदाधाम नौटी में परम्परागत तरीके से हर साल मनाने का रिवाज आज भी जारी है। मां नंदा का मायका माने जाने वाला नौटी गांव में आज भी प्रत्येक परिवार नौ दिन तक हरियाली का पुडा जमाकर मां नंदाधाम में चावल के हलवे के साथ भेंटुली देते है। उसके बाद ही यहां की विवाहित बेटियो को भेंटुली देने की परम्परा है।
श्रीनंदाधाम नौटी मंदिर समिति के अध्यक्ष राजेन्द्र सिंह का कहना है कि यह परम्परागत सदियो से चली आ रही है। जिसमे हरियाली पुडा के साथ मां नन्दा को भेंटुली दी जाती है
राजेन्द्र सिंह, अध्यक्ष मंदिर समिति
वही इस खास परम्परा को प्रचारित व प्रसारित करने के लिए अब क्षेत्रीय लोगो के सहयोग से यहां तीन दिवसीय मां नन्दा हरियाली मेले का भी आयोजन किया जा रहा है इस मेले के समापन्न दिवस पर कार्यक्रम में बतौर मुख्य अतिथि पंहुचे प्रसिद्ध रंगकर्मी प्रो डी आर पुरोहित का कहना है कि यह हमारी समृद्ध लोक परम्पराओ में से एक है जो सिर्फ उत्तराखंड के कुछ जनपदो मे निभाई जा रही है,इसके संरक्षण के लिए यहां हो रहे प्रयास सराहनीय है।
प्रो डी आर पुरोहित प्रसिद्ध रंगकर्मी
इस खास परम्परा के निर्वहन में ग्रामीण महिलाओ का विशेष सहयोग रहा। भेटुली व हरियाली पुडा भेंट करते समय महिलाये बहुत खुस व उत्साहित नजर आयी।
उनका का कहना है कि चैत्र मास की सग्रांति के दिन से हरियाली पुडा रखा जाता है जिसकी नौ दिन तक पूजा की जाती है और उसके बाद चावल के हलवे के साथ मां नंदा को भेंट किया जाता है। चांदपुर गढ़ के समय से यह रिवाज शुरू हुआ है।
