छावनी परिषद क्लेमेन्टाउन में सैंट पैट्रिक संस्थान के बड़े स्तर पर व्यवसायिक कार्य निर्माण से गलीवासियों में भय और चिन्ता का माहौल


देहरादून। एक ओर जहां आम आदमी को छावनी परिषद क्लेमेन्टाउन में अपने छोटे से भवन निर्माण मानचित्र स्वीकृत के लिए दर दर भटकना पढता है वहीं इस नामी गिनामी संस्था को छावनी परिषद क्लेमेन्टाउन के गली नं 5, पोस्ट ओफिस रोड के साथ 20 से 25 फीट लोहा कंक्रीट की ऊंची दीवार बना कर जमीनी स्तर से इस भू भाग को मिट्टी का भरान करके उपर उठाया जा रहा है। पिछले वर्ष भी इस भू भाग को बढ़े- बढ़े डम्परों से रात भर मिट्टी से भरान किया गया जिससे भयानक ध्वनि प्रदूषण से क्षेत्रवासी सो भी नहीं पाये। इस संस्थान ने जहां इस गली में इतनी विशाल दीवार बनाई वहीं गली की सडक पर अपनी एक ईंच जमीन भी नहीं छोडी। इसलिये चिन्ता का विषय यह है कि यदि इस गली से इनका भी आवागमन होता है तो गलीवासियों को हर समय परेशान होना पढ़ेगा। जबकि पहले से ही इस गली मे किशन गैस गोदाम भी मौजूद है और गली हर समय व्यस्त रहती है। साथ ही इसी गली के शुरू में व्यवसायिक दुकानें भी लगातार बन रही हैं।



आपको बता दें कि इनके इसी भू भाग मे एक नाला भी गुजरता है जो बरसात में भंयकर तीव्र गति से बहता है जिसको अभी यह संस्था कंक्रीट लोहा से तटबंध कर रही है। हालांकि इसको बाद मे सम्भवतः ढ़क दिया जायेगा। लेकिन सवाल यह उठता है कि क्या बाद में इस नाले की सफाई व्यवस्था होगी? अगर संस्था अपने स्वार्थ के लिए नाला ढ़क देती है तो क्या यह अतिक्रमण की दृष्टि से नहीं देखा जायेगा। यदि भविष्य मे नाला को चौड़ा करना पढ़ा तो तब क्या यह कंक्रीट नाला चौडा हो सकता है? अभी इन लोगो ने गली के सडक के कलवर्ट के पास अवरोधक रखा है जो कभी भी भंयकर बारिश में पानी को रोकेगा और आवागमन भी अवरूद्ध करेगा। इतना ही नहीं छावनी परिषद क्लेमेन्टाउन में इनके कार्य निर्माण पर पहले भी चिन्ता व्यक्त की गयी है। और अब इतने बड़े कार्य निर्माण से काफी डरावनी स्थिति बनी हुई है।
कैप्टन आलम सिंह भण्डारी
