चमोली : बछेर गांव में मिला इस प्रजाति का दुर्लभ सांप, बना ग्रामीणों के आकर्षण का केंद्र



चमोली:जैव विविधता के लिए प्रसिद्ध उत्तराखंड मैं कई प्रकार की जीव जंतुओं की प्रजातियां पाई जाती है। यहां पर जीवों की 700 से अधिक जैव विविधतापूर्ण प्रजाति पायी जाती है, लेकिन इसमें कई ऐसी प्रजातियां है जो उत्तराखंड में ना के बराबर दिखाइ देती है।उत्तराखंड में सांपों की कई प्रजातियां पाई जाती है जिनमें कोबरा, किंग कोबरा,क्रेत, अजगर,हिमालयन वाटर स्नेक आदि प्रमुख है।

लेकिन इस बार उत्तराखंड में चमोली जनपद के बछेर गांव में बैंडिट कुकरी नामक दुर्लभ प्रजाति का सांप पाया गया है। जिसको वन विभाग की रेस्क्यू टीम के सदस्य सुदर्शन मौके पर जाकर रेस्क्यू किया और और सुरक्षित स्थान पर छोड़ दिया। सुदर्शन पंवार ने बताया इस तरह की प्रजाति के सांप बहुत दुर्लभ होते हैं ।बहुत पहले इस इस प्रकार की प्रजाति का सांप देहरादून 1987-78 में पाया गया था लेकिन इस बार बैंडिट कुकरी प्रजाति का सांप चमोली जनपद के बछेर गांव में पाया गया है। यह क्षेत्र केदारनाथ वन प्रभाग के अंतर्गत आता है। जैव विविधता के लिहाज से काफी अच्छा संकेत है। बफ स्ट्राइप्ड कीलबैक पूरे एशिया में पाए जाने वाले गैर विषैले कोलुब्रिड सांप की एक प्रजाति है। भारत में यह जीनस की एकमात्र प्रजाति है जिसका वैज्ञानिक नाम एम्फीस्मा हिमलयन बफस्ट्रिप्ड किलबैक स्नेक है।

