August 12, 2022

बिचला नागपुर से विदाई के बाद दशज्यूला पट्टी पंहुची मां चण्डिका की दिवरा यात्रा,अग्रिम कार्यक्रम तय।

हिमवंत प्रदेश न्यूज,व्यूरो

चमोली/सिमखोली:आठ माह से अधिक समय से विभिन्न जिलों व बद्रीकेदार नाथ के भ्रमण के बाद मांॅ चण्डिका की दिवरा यात्रा विचला नागपुर के 8 बानी गांवों के भ्रमण पर पंहुची। बानी गांवो से विदाई के बाद मॉ चण्डिका की दिवरा यात्रा दशज्यूला पट्टी के बनथापला गांव रात्रि विश्राम के लिए पंहुच गई है। वनथापला गांव पंहुचने पर मांॅ चण्डिका भवानी का ग्रामीणों ने भव्य स्वागत किया।

 

इससे पूर्व मॉ चण्डिका की दिवरा यात्रा बद्रीनाथ धाम से गाडोरा गांव (पीपलकोटी) धियाणी के घर रात्रि विश्राम के बाद अपने बानी गॉव तमुण्डी पंहुची। भौसडी गांव में रात्रि विश्राम के बाद सिमखोली गांव पंहुचने पर मांॅ चण्डिका की दिवरा यात्रा का जयकारों व फूल मालाओं से स्वागत किया गया। ग्राम पंचायत सिमखोली द्वारा दिवरा यात्रा के रात्रि भोज व विश्राम की व्यवस्था की गई। मॉ चण्डिका का रात्रि विश्राम हिमवंत प्रदेश न्यूज के ब्रांच आफिस में रहा। रात्रि भोज के बाद ग्राम पंचायत सिमखोली की महिला मंगलदल द्वारा मॉ चण्डिका भवानी के स्वागत में देर रात तक भजन व कीर्तन किया गया।

प्रातकाल पूजा अर्चना,हवन के बाद पंचों द्वारा मॉ चण्डिका को सामुहिक अर्ग लगाया गया। वही हिमवंत प्रदेश न्यूज के संपादक भानु प्रकाश नेगी ने ब्रह्रमगुरू हरिबल्लभ सती को प्रसिद्व हस्तशिल्पी स्व0 कैलास चन्द्र भट्ट द्वारा बनायी गई खास पहाड़ी टोपी भेंट की गई। जय प्रकाश नेगी द्वारा मॉ चण्डिका को चांदी की पायल भेंट की गई।मॉ चण्डिका की सिमखोली गांव से विदाई पर ग्रामीण भावुक होकर रोने लगे।ं वही मंदिर समिति के अध्यक्ष धीर सिंह बिष्ट ने सभी ग्रामीणों को महड़ गांव में आयोजित होने वाले महायज्ञ में पधारने का सादर निमंत्रण दिया। सिमखोली ग्राम पंचायत में समाजसेवी चन्द्रप्रकाश नेगी, जयप्रकाश नेगी,मोहन सिंह नेगी, कुलदीप सिंह नेगी,भरतसिंह खत्री, पुष्कर सिंह खत्री,प्रकाश मलवाल,शिवदत्त मलवाल,विक्की बासकण्डी,राजेन्द्र बासकण्डी,ईश्वर सिंह नेगी,तुनज नेगी,दर्शन सिंह नेगी,विनीत जग्गी,नंदन सिंह पवार,मोहन सिंह पंवार आदि का खास सहयोग रहा। जबकि ग्राम पंचायत सिमखोली में समाजसेवी व पत्रकार भानु प्रकाश नेगी द्वारा कोष व व्यवस्थापक की अहम जिम्मेदारी निभाई गई।


मॉ चण्डिका की दिवरा यात्रा का विचला नागपुर के काडईखोला में अंन्तिम पड़ाव रहा।जहां माता चण्डिका की विदाई पर ग्रामीण भावुक होकर फूट फूट कर रोने लगे। माहौल इतना भावनात्मक हो गया कि ब्रह्रमगुरू हरिबल्लभ सती समेत दिवरा यात्रा के तमाम पदाधिकारी भी अपनी ऑशुआंे की धारा को रोक नहीं पाये।

वही मॉ चण्डिका दिवरा यात्रा समिति के अध्यक्ष व महामंत्री देवेन्द्र सिंह जग्गी ने बताया कि मॉ चण्डिका की दिवरा यात्रा 18 मई को कैटमीणा,बौरा मल्ला होते हुऐ रात्रि विश्राम बिचला बौरा में रहेगी। 19 मई को टुखिण्डा गांव होते हुए रात्रि विश्राम थापलगांव में रहेगा। 20 मई को दिउका कुटुम्भ्बनगर,सेरा होते हुए मालकोटी गांव में रात्रि विश्राम रहेगा। 21 मई को ढुंग गांव,22 को जरमवाड,23 को महड गांव,24 को जग्गी काण्डई,25 को बैंजी काण्डई,जगतोली,26 मई को क्युरी,27 मई को तलगड़ कोखन्डी और 28 मई को मैती गांॅव आगर जवाड़ी में रात्रि विश्राम होगा।,29 मई को मालसैण व 30 मई को मैती गांव होते हुए महड़ गांव के प्राईमरी स्कूल काण्डई में होगा।

 

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