मुख्य शिक्षा अधिकारी ने किया समर कैंपों का औचक निरीक्षण।
जनपद चमोली में ग्रीष्मावकाश के दौरान संचालित किए जा रहे सात दिवसीय समर कैंपों का मुख्य शिक्षा अधिकारी आकाश सारस्वत द्वारा औचक निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने विभिन्न विद्यालयों में चल रही शैक्षणिक, सांस्कृतिक और रचनात्मक गतिविधियों का अवलोकन करते हुए शिक्षकों एवं विद्यार्थियों का उत्साहवर्धन किया।

मुख्य शिक्षा अधिकारी ने विकासखंड गैरसैण के राजकीय बालिका इंटर कॉलेज गैरसैण, राजकीय इंटर कॉलेज गैरसैण, पीएमश्री राजकीय प्राथमिक विद्यालय गैरसैण तथा राजकीय इंटर कॉलेज भराड़ीसैंण में संचालित समर कैंपों का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने विद्यार्थियों द्वारा तैयार किए गए कार्यक्रमों को देखा और बच्चों की प्रतिभा की सराहना की।
निरीक्षण के दौरान श्री सारस्वत ने कहा कि समर कैंप विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास का महत्वपूर्ण माध्यम हैं। इन कैंपों के माध्यम से बच्चों को पाठ्यक्रम के अतिरिक्त भाषा कौशल तथा सांस्कृतिक कार्यक्रमों से जोड़ने का अवसर मिलता है। उन्होंने शिक्षकों से अधिकाधिक विद्यार्थियों की सहभागिता सुनिश्चित करने को कहा।
इसके पश्चात मुख्य शिक्षा अधिकारी ने विकासखंड नारायणबगड़ स्थित राजकीय इंटर कॉलेज नारायणबगड़ में चल रहे समर कैंप का निरीक्षण किया। यहां संस्कृत भाषा आधारित समर कैंप का विशेष आयोजन किया जा रहा है, जिसकी मुख्य शिक्षा अधिकारी ने सराहना की। विद्यार्थियों द्वारा संस्कृत श्लोक वाचन, संवाद, गीत एवं भाषा अभ्यास की प्रस्तुतियां दी गईं। उन्होंने कहा कि संस्कृत भारतीय संस्कृति और ज्ञान परंपरा की आधारभूत भाषा है तथा इस प्रकार के प्रयास विद्यार्थियों को अपनी सांस्कृतिक जड़ों से जोड़ने में सहायक सिद्ध होंगे।
इसके बाद मुख्य शिक्षा अधिकारी ने विकासखंड कर्णप्रयाग के जयपुर कोलसों क्षेत्र में संचालित समर कैंप का भी निरीक्षण किया। उन्होंने कैंप में बच्चों की उपस्थिति, गतिविधियों की गुणवत्ता तथा व्यवस्थाओं का जायजा लिया और संबंधित शिक्षकों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
मुख्य शिक्षा अधिकारी ने बताया कि जनपद के विभिन्न विद्यालयों में समर कैंप आगामी 2 जून तक संचालित किए जाएंगे। इन कैंपों की प्रतिदिन मॉनिटरिंग की जा रही है तथा सभी विद्यालयों से नियमित रूप से गतिविधियों की सूचना प्राप्त की जा रही है। उन्होंने कहा कि औचक निरीक्षण का उद्देश्य कैंपों की गुणवत्ता सुनिश्चित करना तथा विद्यार्थियों को बेहतर शैक्षिक वातावरण उपलब्ध कराना है।
निरीक्षण के दौरान जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान चमोली के वरिष्ठ संकाय सदस्य राजेंद्र प्रसाद मैखुरी एवं बच्चन लाल जितेला भी उपस्थित रहे।
