देहरादून :मेडिकल लैब टेक्नॉलॉजिस्ट संघ द्वारा इनके प्रति सरकार की उदासीन नीतियों के खिलाफ जल्द प्रदेश में उग्र आंदोलन करने की तैयारी की जा रही है संगठन का कहना है कि उत्तरप्रदेश से अलग होने के पश्चात उत्तराखंड राज्य बनने से अब तक मेडिकल लैब टेक्नॉलॉजिस्ट के लिए सेवा नियमावली नही बनाई गई है जिससे इन पदों पर आज तक भर्ती प्रक्रिया प्रारंभ नही हो पाई है।जबकि इस पाठ्यक्रम से शिक्षा ग्रहण करने वाले युवाओं की संख्या प्रतिवर्ष दो से तीन हजार है जिससे बेरोजगारो की संख्या बढ़ती जा रही है और संगठन द्वारा इस विषय पर तब से लेकर अब तक की सरकारों में रहे हर एक राजनीतिक दल मंत्री,विधायको से गुहार लगाई परन्तु आश्वासन के सिवाय कुछ भी हासिल नही हुआ। इतने वर्ष गुजर जाने के उपरांत किसी भी सरकार द्वारा इनकी सुध नही ली गयी जिससे इनमें रोष व्याप्त है।
आलम ये है कि नोकरी पाने के इंतजार में कई युवा तो उम्र की उस दहलीज़ को पार कर चुके है जो आवेदन हेतु तय आयुसीमा सरकार द्वारा निर्धारित की जाती है।ऐसे में युवा खुद को ठगा सा महसूस कर रहे है।
संगठन द्वारा विगत वर्षों में तत्कालीन मुख्यमंत्री एवं स्वास्थ्य मंत्री व संबंधित विभाग के आला अधिकारियों को कई कई बार ज्ञापन दिए है परंतु निष्कर्ष कुछ भी नही निकल पाया। फॉइल उसी विभाग तक सीमित रह जाती है जब भी सेवा नियमावली की बात करो तो महानिदेशालय में बैठे अधिकारी कहते है कि हमने शासन को प्रस्ताव भेज रखा है और सचिवालय में बैठे अधिकारी कहते है कि ये महानिदेशालय का कार्य से है अब शासन और सचिवालय के बीच में बेरोजगार लैब टेक्नीशियन जूझ रहा है।
संगठन का कहना है विगत वर्ष कोरोना महामारी में लैब टेक्नॉलॉजिस्ट ने अपने कार्यों निर्वहन पूरी निष्ठा से किया परन्तु इसके फलस्वरूप कोरोना महामारी के समाप्त होते ही इस दौरान लगाये गए सभी कर्मचारियों के साथ साथ लैब टेक्नॉलॉजिस्ट को भी बाहर का रास्ता दिखा दिया गया। इन कर्मचारियों को भी कभी उपनल तो कभी निजी आउटसोर्स कंपनी के माध्यम से अल्पतम मानदेय में रखा गया जिससे यह प्रतीत होता है कि लैब तकनीशियन संवर्ग हमेशा से उपेक्षा का शिकार रहा है।
संगठन का कहना है कि सरकार से हमारी यही मांग है कि लैब टेक्नॉलॉजिस्ट संवर्ग की सेवा नियमावली जो शासन में कई वर्षों से लंबित है का संज्ञान लेकर शीघ्र प्रख्यापित की जाय व नर्सिंग संवर्ग की भांति लैब टेक्नॉलॉजिस्ट के पदों पर भी वर्ष वार मेरिट के आधार पर नियुक्ति प्रक्रिया प्रारंभ की जाय।
संगठन की इस वार्ता में प्रदेश अध्यक्ष आशीष चंद्र,महासचिव मयंक राणा,रणवीर बिष्ठ,अनुराग पंत,मोहन भट्ट,अमित कांत भट्ट,दीपक जगवाण, धनवीर बगियाल,आशुतोष मलासी,संदेश शर्मा आदि सम्मलित रहे।