किस देवता का घर बनाना बाकी?—गौरव फर्स्वाण के पोस्ट से कांग्रेस में हलचल


उपेक्षा या नए ठिकाने की तलाश—बयान के कई सियासी मायने
चमोली, संवाददाता:
जिले की कांग्रेस राजनीति में इन दिनों हलचल तेज हो गई है। पार्टी के वरिष्ठ नेता गौरव फर्स्वाण की एक फेसबुक पोस्ट ने संगठन के भीतर चर्चाओं का दौर शुरू कर दिया है।
फर्स्वाण ने अपनी पोस्ट में लिखा—“मैं मिस्त्री हूं, विश्वकर्मा की भूमिका में हूं… पता नहीं किस देवता का घर बनाना बाकी है।” उनके इस बयान को लेकर राजनीतिक गलियारों में अलग-अलग कयास लगाए जा रहे हैं।
जानकारों का मानना है कि यह टिप्पणी संगठन में उपेक्षा और असंतोष की ओर इशारा करती है, जबकि कुछ इसे आने वाले समय में किसी बड़े राजनीतिक फैसले का संकेत भी मान रहे हैं।
गौरव फर्स्वाण जिले में मजबूत जनाधार रखने वाले नेताओं में गिने जाते हैं और लगातार सक्रिय भी रहे हैं। ऐसे में उनका यह बयान कांग्रेस संगठन के लिए चेतावनी के तौर पर देखा जा रहा है।
हालांकि, फर्स्वाण ने अभी तक अपने इस पोस्ट पर कोई स्पष्ट प्रतिक्रिया नहीं दी है, लेकिन उनके इस बयान के बाद से जिले की राजनीति में चर्चाओं का बाजार गर्म है।
