प्रधानाध्यापिका विछना रौथाड़ को ग्रामीणों व विद्यालय परिवार ने दी भावभीनी विदाई
पोखरी (चमोली)
विकास खण्ड पोखरी के अंतर्गत राजकीय प्राथमिक विद्यालय काण्डई चन्द्रशिला की प्रधानाध्यापिका विछना रौथाड़ के सेवानिवृत्त होने पर ग्राम सभा के ग्रामीणों एवं विद्यालय परिवार द्वारा भव्य विदाई समारोह का आयोजन किया गया। इस अवसर पर उन्हें फूल-मालाओं से लादकर ढोल-नगाड़ों के साथ भावभीनी विदाई दी गई। कार्यक्रम के बाद ग्रामीण उन्हें उनके आवास पोखरी तक छोड़ने भी गए।
ग्राम प्रधान भगत सिंह भण्डारी के नेतृत्व में आयोजित समारोह का शुभारंभ मुख्य अतिथि पूर्व कैबिनेट मंत्री राजेन्द्र सिंह भण्डारी एवं सेवानिवृत्त प्रधानाध्यापिका विछना रौथाड़ सहित अन्य अतिथियों द्वारा सरस्वती चित्र के समक्ष दीप प्रज्वलित कर किया गया। कार्यक्रम की शुरुआत छात्र-छात्राओं द्वारा प्रस्तुत सरस्वती वंदना से हुई, जिससे वातावरण भक्तिमय हो उठा।
मुख्य अतिथि राजेन्द्र सिंह भण्डारी ने कहा कि सरकारी सेवा में आना और उससे सेवानिवृत्त होना जीवन रूपी सिक्के के दो पहलू हैं। उन्होंने कहा कि शिक्षा के क्षेत्र में वर्षों तक उत्कृष्ट सेवाएं देने के बाद अब विछना रौथाड़ जीवन की दूसरी पारी में समाज और परिवार को समय देंगी, जिससे लोग उनके अनुभवों का लाभ उठा सकेंगे।
विशिष्ट अतिथि उप शिक्षा अधिकारी नेहा भट्ट ने उन्हें अनुशासनप्रिय और कर्मठ अध्यापिका बताते हुए कहा कि उनके कार्यों की कमी विभाग को हमेशा महसूस होगी। जूनियर हाईस्कूल शिक्षक संगठन के जिलाध्यक्ष उपेन्द्र सती ने भी उनके योगदान की सराहना की। राजकीय शिक्षक संगठन के ब्लॉक अध्यक्ष ब्रह्मानंद किमोठी ने कहा कि उन्होंने शिक्षा के क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य किया है और आगे भी समाज सेवा में सक्रिय भूमिका निभाएंगी। प्राथमिक शिक्षक संगठन के जिला महामंत्री महिपाल चौहान ने कहा कि उनसे बहुत कुछ सीखने को मिला है।
इस दौरान भावुक होकर विछना रौथाड़ ने कहा कि सेवाकाल के दौरान मिला स्नेह, सहयोग और सम्मान वे जीवनभर नहीं भूल पाएंगी।
इस अवसर पर कौशलम के जिला कोऑर्डिनेटर तेजेन्द्र रावत, अटल उत्कृष्ट राजकीय इंटर कॉलेज रडुवा के प्रधानाचार्य संजय कोहली, प्राथमिक शिक्षक संगठन के ब्लॉक अध्यक्ष ताजबर राणा, क्षेत्र पंचायत सदस्य चन्द्रकला देवी, महिला मंगल दल की अध्यक्ष रश्मि राणा सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण, शिक्षक-शिक्षिकाएं एवं गणमान्य लोग उपस्थित रहे।
कार्यक्रम का संचालन डॉ. बृजेंद्र कठैत ने किया।
