September 10, 2026

आत्महत्या रोकथाम को लेकर सामाजिक कार्यकर्ताओं को दिया प्रशिक्षण

आत्महत्याओं से बचाने के लिए सामाजिक कार्यकर्ताओं को कुशल और जागरूक किया।

देहरादून।मानसिक स्वास्थ्य के क्षेत्र में कार्यरत सामाजिक संस्था फोरगिवनेस फाउंडेशन सोसाइटी ने अपने आत्महत्या निषेध अभियान के तहत विभिन्न क्षेत्रों में कार्यरत सामाजिक कार्यकर्ताओं को विश्व आत्महत्या निषेध जागरूकता दिवस पर आत्महत्याओं से बचाने के लिए अधिक कुशल बनाने के लिए और जागरूकता के लिए निशुल्क कार्यशाला का आयोजन किया। यह कार्यशाला केदारपुरम, देहरादून में आयोजित की गई। इस कार्यशाला में प्रख्यात मनोवैज्ञानिक समाजसेवी डॉ. पवन शर्मा (द साइकेडेलिक) ने इस आत्महत्याओं से जुड़ी कई शोधों की ज्ञानवर्धक जानकारी दी और मनोवैज्ञानिक तकनीकों के द्वारा प्रतिभागियों का कौशल विकास किया। उन्होंने बताया कि किस तरह खुदकुशी की भावना किसी व्यक्ति के मन पर हावी हो जाती है और वह अपना जीवन समाप्त कर लेता है। डॉ. पवन शर्मा ने बताया कि प्रतिवर्ष विश्व भर में सात लाख से ज्यादा लोग खुदकुशी करते हैं।

लगभग हर 40 सेकेंड में एक आत्महत्या हो रही है। उत्तराखंड राज्य में भी ये आंकड़ा प्रतिवर्ष 1700 से ज्यादा का है। रोजाना लगभग 4 से 5 व्यक्ति खुदकुशी करके अपना जीवन समाप्त कर रहे हैं, जो बेहद गंभीर और चौकाने वाला है। खुदकुशी करने वालों में पुरुषों की संख्या महिलाओं से अधिक है। इसके पीछे पुरुषों का अधिक मजबूत बनने और सख्त मर्दानगी जैसी भ्रमित करने वाली मानसिकता का होना है। डॉ. पवन शर्मा ने इससे बचाव के लिए सुझावों में व्यस्त रहने, अकेलेपन से बचने, लोगों के साथ मिलने-जुलने, डिजिटल जीवन से ज्यादा वास्तविक जीवन में शामिल होना, अधिक तनाव, उदासी, नशे व ड्रग्स से बचने की सलाह दी। व्यस्त व स्वस्थ जीवन शैली अपनाकर आत्मघाती प्रवृत्ति से बचा जा सकता है। आत्महत्याओं के ज्यादातर कारणों में लंबे समय से खराब स्वास्थ्य, खराब अर्थिक स्थिति, खराब रिश्ते, असफल प्रेम संबंध, परीक्षा में असफल होने का डर आदि है।

 

डॉ. पवन शर्मा ने कहा कि किसी भी व्यक्ति के जीवन से विरक्ति और अनिच्छा को गम्भीरता से लेेते हुए, बिना किसी निर्णायक बने, उसकी बातों को धीरज के साथ सुनने और समझने की कोशिश करे और उसके नाकारात्मक विचारों को खुलकर कहने और मदद का भरोसेमंद माहौल देने के प्रयास करें। तुरंत ही किसी अनुभवी मानसिक स्वास्थ्य पेशेवर से संपर्क करके पीड़ित व्यक्ति के लिए मुलाकात का प्रबंध करके आत्महत्याओं को समय रहते रोका जा सकता है। उन्होंने कहा कि फोरगिवनेस फाउंडेशन सोसाइटी ऐसे हालातों में निशुल्क परामर्श और थेरेपी की सुविधा उपलब्ध कराती है।
www.forgiveness.org.in
फोन : 7617777911

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