देश में वर्ष 2027 की जनगणना को लेकर तैयारियां तेज हो गई हैं। इस बार जनगणना पूरी तरह डिजिटल माध्यम से कराई जाएगी, जिसमें नागरिकों को पहली बार स्व-जनगणना (Self Enumeration) की सुविधा भी उपलब्ध कराई जाएगी। इसी क्रम में चमोली जनपद के विकासखंड कर्णप्रयाग स्थित सभागार में प्रगणकों के लिए तीन दिवसीय प्रशिक्षण कार्यशाला का आयोजन किया गया है।
कार्यशाला के दौरान मास्टर ट्रेनर राकेश चन्द्र डिमरी द्वारा प्रगणकों को जनगणना के पहले चरण की विस्तृत जानकारी दी जा रही है। उन्होंने बताया कि प्रारंभिक चरण में प्रगणकों को फील्ड में जाकर मकानों का सूचीकरण (हाउस लिस्टिंग) और गणना कार्य करना होगा। इसके लिए उन्हें डिजिटल उपकरणों के माध्यम से डेटा एकत्र करने की पूरी प्रक्रिया सिखाई जा रही है, ताकि वे वास्तविक समय में सटीक जानकारी दर्ज कर सकें।
मास्टर ट्रेनर ने कहा कि डिजिटल जनगणना से न केवल समय की बचत होगी, बल्कि आंकड़ों की शुद्धता और पारदर्शिता भी सुनिश्चित होगी। प्रशिक्षण में मोबाइल ऐप, डेटा एंट्री, ऑनलाइन अपलोडिंग और तकनीकी समस्याओं के समाधान से जुड़ी जानकारी विस्तार से दी जा रही है।
यह प्रशिक्षण कार्यशाला चार्ज ऑफिसर गौचर हेमन्त सिंह चौहान के सानिध्य में संपन्न हो रही है। उन्होंने बताया कि इस बार की जनगणना पूरी तरह डिजिटल होने से प्रक्रिया अधिक सरल, तेज और पारदर्शी बनेगी। साथ ही उन्होंने प्रगणकों से प्रशिक्षण के दौरान मिली जानकारी को गंभीरता से समझने और फील्ड में जिम्मेदारी के साथ कार्य करने का आह्वान किया।
तीन दिवसीय इस कार्यशाला में गौचर नगर क्षेत्र के कई प्रशिक्षु प्रगणकों ने भाग लिया। प्रगणक सुमन भट्ट ने बताया कि प्रशिक्षण के दौरान उन्हें आम जनता से संवाद स्थापित करने, सही जानकारी प्राप्त करने और भवनों के सूचीकरण की प्रक्रिया को व्यवस्थित ढंग से करने के तरीके सिखाए जा रहे हैं। इससे वे सरकार तक सटीक और विश्वसनीय आंकड़े पहुंचाने में सक्षम होंगे।
डिजिटल जनगणना के माध्यम से देश में पहली बार नागरिक स्वयं भी अपनी जानकारी ऑनलाइन दर्ज कर सकेंगे, जिससे जनगणना प्रक्रिया में पारदर्शिता और भागीदारी दोनों बढ़ेंगी। यह पहल भारत को डिजिटल गवर्नेंस की दिशा में एक और मजबूत कदम साबित होगी।