बुग्यालों में कैंपिंग की रोक हटने के बाद रूपकुंड ट्रैक के लिए रवाना हुआ पहला दल






बुग्यालों में कैंपिंग की रोक हटने के बाद रूपकुंड ट्रैक के लिए रवाना हुआ पहला दल
वाण (चमोली)। उत्तराखंड के बुग्यालों में कैंपिंग पर लगी रोक हटने के बाद विश्व प्रसिद्ध रूपकुंड ट्रैक पर पर्यटन गतिविधियां फिर शुरू हो गई हैं। इंडिया हाइक्स का पहला ट्रैकिंग दल ग्राम पंचायत वाण से रूपकुंड के लिए रवाना हुआ। दल के रवाना होने से पहले ग्राम पंचायत व स्थानीय ग्रामीणों ने पारंपरिक तरीके से ट्रैकर्स का भव्य स्वागत किया और उनकी सुरक्षित एवं सफल यात्रा की कामना की।
रूपकुंड ट्रैक पर ट्रैकिंग गतिविधियां दोबारा शुरू होने से स्थानीय ग्रामीणों और पर्यटन कारोबार से जुड़े लोगों में उत्साह है। ग्रामीणों ने बुग्यालों में कैंपिंग पर लगी रोक हटने को क्षेत्र के पर्यटन और रोजगार के लिए महत्वपूर्ण कदम बताया। उनका कहना है कि ट्रैकिंग गतिविधियां शुरू होने से स्थानीय बेरोजगार युवाओं को गाइड, पोर्टर, कुक, होमस्टे, घोड़ा-खच्चर संचालन समेत अन्य पर्यटन सेवाओं में रोजगार के अवसर मिलेंगे।

ग्रामीणों ने माननीय सर्वोच्च न्यायालय के निर्णय का स्वागत करते हुए कहा कि रूपकुंड ट्रैक देश-विदेश के पर्यटकों के आकर्षण का प्रमुख केंद्र है। ट्रैकिंग गतिविधियों के शुरू होने से लंबे समय से प्रभावित स्थानीय पर्यटन कारोबार को भी नई गति मिलने की उम्मीद है।
नन्दा राजजात पड़ाव अध्यक्ष वाण हीरा सिंह गढ़वाली ने कहा कि रूपकुंड ट्रैक पर पहले दल का रवाना होना पूरे क्षेत्र के लिए खुशी और उम्मीद का अवसर है। इससे स्थानीय युवाओं को रोजगार मिलने के साथ ही पर्यटन व्यवसाय को भी बढ़ावा मिलेगा। उन्होंने पर्यटकों का स्वागत करते हुए बुग्यालों की स्वच्छता और प्राकृतिक सुंदरता बनाए रखने में सहयोग की अपील की।
ग्रामीणों ने इंडिया हाइक्स का भी आभार जताते हुए कहा कि कंपनी द्वारा रूपकुंड ट्रैक पर गतिविधियां दोबारा शुरू करने से स्थानीय लोगों को रोजगार से जोड़ने में मदद मिलेगी। साथ ही ग्रामीणों ने पर्यटकों और पर्यटन कंपनियों से हिमालयी बुग्यालों की स्वच्छता, जैव विविधता और प्राकृतिक स्वरूप को बनाए रखने की अपील की।
