श्री लक्ष्मी नारायण पर्यटन, सांस्कृतिक एवं विकास मेला का रंगारंग प्रस्तुतीयों के साथ हुआ समापन्न




कर्णप्रयाग ब्लॉक के अंतर्गत श्री लक्ष्मी नारायण सिद्ध पीठ किमोली परिसर में आयोजित श्री लक्ष्मी नारायण पर्यटन, सांस्कृतिक एवं विकास मेले का तृतीय दिवस बड़े हर्षोल्लास एवं उत्साह के साथ मनाया गया।
इस अवसर पर स्थानीय महिला मंगल दलों ने पांवड़ नृत्य की झाकियां, बगढ़वाल नृत्य, नन्दा राज जाट की झाकियाँ दिखाई एवं स्कूली छात्र-छात्राओं ने विविधतापूर्ण सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत कर सभी श्रद्धांलुओं का मन मोह लिया। कार्यक्रमों में पारंपरिक लोकगीत, लोकनृत्य तथा सामाजिक संदेश से परिपूर्ण प्रस्तुतियाँ शामिल रहीं, जिनमें स्थानीय संस्कृति की झलक स्पष्ट रूप से दिखाई दी।
मेले के तृतीय दिवस के मुख्य अतिथि पूर्व विधायक श्री टिका प्रसाद मैखुरी एवं विशिष्ट अतिथि डॉ. विनोद पुंडीर ने अपनी गरिमामयी उपस्थिति से आयोजन को गौरवान्वित किया।

अपने संबोधन में टिका प्रसाद मैखुरी ने कहा –
“मेले हमारी धरोहर और पहचान हैं। यह न केवल हमारे सांस्कृतिक वैभव के प्रतीक हैं, बल्कि पीढ़ियों को जोड़ने का सशक्त माध्यम भी हैं। इन मेलों को संजोकर रखना हम सबकी जिम्मेदारी है।”
विशिष्ट अतिथि डॉ. विनोद पुंडीर ने भी अपने उद्बोधन में मेले के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि ऐसे आयोजन ग्रामीण संस्कृति, परंपरा और लोककला के संरक्षण एवं संवर्धन के लिए अत्यंत आवश्यक हैं।
मेले में क्षेत्रवासियों की भारी उपस्थिति रही और सभी ने उत्सवमय वातावरण का भरपूर आनंद लिया।
इस अवसर पर मेला अध्यक्ष ग्राम प्रधान प्रेमकला देवी, उपाध्यक्ष दीपक रावत, प्रबंधक कुंवर नेगी, महामंत्री कुलदीप नेगी,नीलम जुयाल,शंकर रावत, विजय नेगी, विजय नेगी, सतबीर रावत राकेश रावत आदि मोजुद रहे।

