खैनरी ग्राम पंचायत में भालू का आतंक जारी,दहसत ग्रामीण




भानु प्रकाश नेगी,पोखरी चमोली
चमोली जनपद के दशोली ब्लाक खैनरी ग्राम पंचायत में भालू के आंतक से ग्रामीण भयभीत है। बीते दिनों भालू के द्वारा फिर से गौसला की छतों को उखाड़ कर कई जानवरों को मार दिया। जिला पंचायत सदस्य सोबत सिंह र्फस्वाण ने बताया कि, भालू का यह आंतक बीते दो साल से जारी है। अभी तक 30 से 40 जानवरों को भालू अपना निवाला बना चुका है। बीते साल दो महिलाओं को भी भालू ने बुरी तरह से घायल कर दिया था। भाले के आंतक से आस पास के गांव में भी दहसत फैली हुई है। पास के गांव रंगतोली में भी भालू कई जानवरों को अपना निवाला बना चुका है।
उन्होंने बताया कि बीते साल कुछ दिनों तक वन विभाग ने भालू की निगरानी के लिए एक कर्मचारी को तैनात किया था, लेकिन अब कोई कर्मचारी भालू की निगरानी के लिए गांव में नहीं है साथ ही मवेशियों के नुकसान के साथ गौसाला की रिपेयरिंग का वन विभाग कोई मुआवजा नहीं दे रहा है। वन विभाग को कई बार सूचित करने पर भी उचित कार्यवाही नहीं हो पा रही है।
आपको बता दे कि उत्तराखंड पर्वतीय जनपदों में जंगली जानवरों के आंतक से भय का माहौल फैला हुआ है। तेंन्दुआ,बाघ,भालू एक ओर बच्चों व महिलाओं व पालतु जानवरों को लगातार अपना निवाला बना रहे है। वहीं दूसरी ओर सूअर,बंदर,लंगूर आदि जानवर किसानों की साल भर की मेहनत को चंद मिनटों में तबाह कर रहें। कई इलाकों में जंगली जनवरों का इस कदर भय व्याप्त है कि स्कूलों तक बंद करनी पड़ रही है। जंगली जानवरों के इस कदर फैले आंतक के बावजूद न तो वन विभाग इस और गंभीरता से कार्यवाही कर रहा है और न ही राज्य सरकार इस ओर ठोस निणर्य ले पा रही है। जिससे परेसान पर्वतीय जनपदों के लोग मैदानी क्षेत्रों में पलायन कर रहे है।

