बी.ए./बी.एस-सी. प्रथम सेमेस्टर के नव-प्रवेशित के लिए आयोजित हुआ दीक्षारम्भ कार्यक्रम




चमोली:राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय नागनाथ पोखरी, चमोली में बी.ए./बी.एस-सी. प्रथम सेमेस्टर के नव-प्रवेशित छात्र-छात्राओं हेतु दीक्षारम्भ छात्र प्रेरण कार्यक्रम (स्टूडेंट इंडक्शन प्रोग्राम) का आयोजन किया गया।
कार्यक्रम का शुभारम्भ माँ सरस्वती के दीप प्रज्ज्वलन एवं वन्दना के साथ हुआ। इसके उपरान्त डॉ. अनुपम रावत द्वारा कार्यक्रम अध्यक्ष, महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. संजीव कुमार जुयाल का बैज अलंकरण किया गया।
कार्यक्रम की रूपरेखा प्रस्तुत करते हुए समारोह संयोजक डॉ. नन्दकिशोर चमोला ने बताया कि दीक्षारम्भ छात्र प्रेरण कार्यक्रम की शुरुआत 05 सितम्बर 2017 को तत्कालीन उपराष्ट्रपति एम. वेंकैया नायडू एवं मानव संसाधन विकास मंत्री डॉ. रमेश पोखरियाल ‘निशंक’ द्वारा की गई थी। उन्होंने कहा कि स्टूडेंट इंडक्शन प्रोग्राम के अन्तर्गत पाँच गतिविधियाँ सम्मिलित हैं –
1. संस्थान परिचय
2. शैक्षणिक मार्गदर्शन
3. सामाजिक मेल-जोल
4. कैरियर मार्गदर्शन
5. स्वास्थ्य एवं कल्याण।
डॉ. चमोला ने छात्रों को अनुशासन, उचित गणवेश, एंटी-ड्रग्स तथा एंटी-रैगिंग प्रकोष्ठ से सम्बन्धित नियमों की जानकारी भी दी।
इसी क्रम में बी.ए. प्रथम सेमेस्टर प्रवेश समिति की संयोजिका डॉ. अंशू सिंह ने कला संकाय में संचालित विषय एवं पाठ्यक्रमों की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि कला संकाय के विषयों को छह समूहों (A से F) में विभाजित किया गया है। छात्रों को तीन विषय DSC, एक विषय GE, एक विषय भाषा का AEC, चुने हुए किसी एक विषय में SEC और एक विषय VAC चुनना होगा। कुल मिलाकर 07 विषयों का चुनाव करना अनिवार्य होगा।

बी.एस-सी. प्रथम सेमेस्टर प्रवेश समिति की संयोजिका डॉ. कंचन सहगल ने विज्ञान संकाय में संचालित विषय एवं पाठ्यक्रमों की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि विज्ञान संकाय दो समूहों – ZBC एवं PCM – में विभाजित है। यहाँ भी छात्रों को तीन विषय DSC, एक विषय GE, एक भाषा विषय AEC, एक SEC तथा एक VAC चुनना होगा। कुल 07 विषयों का चयन करना आवश्यक है।
महाविद्यालय की समर्थ पोर्टल नोडल डॉ. अंजलि रावत ने छात्रों को समर्थ पोर्टल की विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने कहा कि छात्रों को अपनी समर्थ आईडी पर सभी विवरण सही व प्रमाणिक रूप से दर्ज करने चाहिए, ताकि परीक्षा एवं परिणाम संबंधी किसी भी प्रकार की समस्या न उत्पन्न हो।
महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. संजीव कुमार जुयाल ने नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के उद्देश्यों पर प्रकाश डालते हुए छात्रों को शिक्षा के महत्व, निरन्तर अध्ययन, समय के सदुपयोग, महाविद्यालय की गतिविधियों में सहभागिता आदि पर प्रेरित किया। उन्होंने बहुउद्देशीय भवन, पुस्तकालय, वाचनालय, कम्प्यूटर लैब, मैदान, विज्ञान एवं कला संकाय, कैंटीन जैसी महाविद्यालय की भौतिक सम्पदाओं की जानकारी दी तथा इनके उपयोग के दिशा-निर्देश साझा किए।
साथ ही, महाविद्यालय की विभिन्न समितियों, छात्रवृत्तियों की प्रोत्साहन राशि, महाविद्यालय वेबसाइट, छात्रसंघ, ई-ग्रन्थालय आदि पर भी विस्तार से प्रकाश डाला।
इस अवसर पर महाविद्यालय के समस्त प्राध्यापक, कर्मचारी गण, बी.ए./बी.एस-सी. प्रथम सेमेस्टर के छात्र-छात्राओं सहित महाविद्यालय के अन्य विद्यार्थी भी उपस्थित रहे।

