चमोली के लोहाजंग में साहसिक पर्यटन का बढ़ता रोमांच, स्थानीय युवाओं को मिल रहा रोजगार

देवभूमि के नाम से देश व दुनियां में विख्यात उत्तराखंड में धार्मिक व साहसिक पर्यटन की भारी संभावनाए है। राज्य निर्माण के बाद उत्तराखंड के विभिन्न जनपदो में साल दर साल सैलानियो की तादात बढ़ती जा रही है।
वही सीमांत जनपद चमोली के विभिन्न विकासखंडो में भी अब धार्मिक पर्यटन के अलावा साहसिक पर्यटन तेजी से बढ़ता जा रहा है खासकर विकासखंड देवाल के लोहाजंग में देश विदेश से पंहुच रहे पर्यटको का अब जमावड़ा देखने को मिल रहा है। मिनी मसूरी के नाम से प्रसिद्ध इस स्थान से ब्रह्मताल,बेदनी व ऑली बुग्याल,रूपकुंड समेत अनेक स्थानो के लिए युवा पर्यटक पंहुच रहे है। जिससे न सिर्फ यहां के युवा बेरोजगारो को रोजगार मिल रहा है बल्कि पलायन पर भी काफी है तक रोक लगी है।


यहां के युवा पर्यटन के लिए न सिर्फ जरूरी सामान किराये पर देकर मुनाफा कमा रहे है बल्कि सरकारी योजनाओ का फायदा उठाकर पर्यटको के साथ गाइड का भी काम कर रहे है।
लोहाजंग के स्थानीय युवा लक्ष्मण सिंह राणा के साथ साथ कई युवाओ द्वारा ट्रैकिंग कम्पनी खोली गई है। युवा लक्ष्मण राणा का कहना है कि उत्तराखंड पर्यटन की फैक्ट्री है यहां रोजगार की भारी संभावनाये है।हमने अपनी ट्रैकिंग कम्पनी में 15 से 20 स्थानीय युवाओ को रोजगार दिया है।
लक्ष्मण सिंह राणा,ट्रेकर्स।
वही यहां के बुग्याल व पर्यटक स्थल पर आने वाले युवा काफी खुश व उत्साहित नजर आ रहे है।चण्डीगढ़ से यात्री दल के साथ ऑली बुग्याल घुमने पंहुचे रोहित सिंह का कहना है किया यहां ऑली बुग्याल,ब्रह्मताल,बेदनी बुग्याल बेहद खुबसूरत है।
रोहित सिंह,पर्यटक।
राज्य सरकार के द्वारा भी साहसिक पर्यटन को बढावा देने के लिए कई योजनाओ में शब्सिडी दी जा रही है जिला पर्यटन अधिकारी अरबिन्द गौड़, जिला पर्यटन अधिकारी चमोली का कहना है की साहसिक पर्यटन को चमोली जनपद में बडावा दाने के लिए देशभर की पांच नामी संस्थानो से ट्राईअप किया गया है। सीमान्त जनपदो में राज्य सरकारी की ओर से ट्रेक ऑफ द ईयर प्रोग्राम के तहत प्रति यात्री लोकल ट्रेकर के लिए 2000 रूपये की शब्सिडी विभाग से ले सकता है।
बाइट-अरबिन्द गौड़, जिला पर्यटन अधिकारी चमोली
पीटीसी भानु प्रकाश नेगी,देवाल चमोली
