हिमालयी पर्यावरण संरक्षण के लिए युवाओं ने बढ़ाया कदम, टंगसा में 60 पौधों का रोपण।



उत्तराखंड राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, नैनीताल के निर्देशानुसार 1 जुलाई से 31 जुलाई 2026 तक संचालित राज्यव्यापी वृक्षारोपण अभियान के अंतर्गत दशोली ग्राम स्वायत्त मंडल, टंगसा में जिला प्रशासन, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, चंडी प्रसाद भट्ट पर्यावरण एवं विकास केंद्र (सीपीबीसीईडी), गोपेश्वर तथा वन विभाग के संयुक्त तत्वावधान में पर्यावरण संरक्षण विषयक गोष्ठी, वृक्षारोपण एवं जनजागरूकता रैली का आयोजन किया गया।
कार्यक्रम में राजकीय इंटर कॉलेज, बच्छेर के छात्र-छात्राओं ने उत्साहपूर्वक सहभागिता की। गोष्ठी में विद्यार्थियों को पर्यावरण संरक्षण से जुड़े संवैधानिक एवं कानूनी प्रावधानों की जानकारी देते हुए संविधान के अनुच्छेद 48(क) तथा अनुच्छेद 51(क)(g) के तहत पर्यावरण संरक्षण से संबंधित नागरिकों के कर्तव्यों पर विस्तार से प्रकाश डाला गया। वक्ताओं ने कहा कि जलवायु परिवर्तन, जैव विविधता के क्षरण और बढ़ते पर्यावरणीय संकट के वर्तमान दौर में वृक्षारोपण केवल एक अभियान नहीं, बल्कि भविष्य की पीढ़ियों के लिए सुरक्षित पर्यावरण सुनिश्चित करने का प्रभावी माध्यम है।
गोष्ठी के उपरांत छात्र-छात्राओं, अधिकारियों एवं स्थानीय ग्रामीणों ने सामूहिक रूप से 60 पौधों का रोपण किया तथा उनके संरक्षण का संकल्प लिया। इसके पश्चात पर्यावरण संरक्षण के प्रति जनजागरूकता फैलाने के उद्देश्य से जागरूकता रैली निकाली गई। रैली के दौरान विद्यार्थियों ने “एक पेड़ माँ के नाम”, “पेड़ लगाओ-जीवन बचाओ” तथा “स्वच्छ पर्यावरण-स्वस्थ जीवन” जैसे नारों के माध्यम से लोगों को अधिक से अधिक वृक्ष लगाने और प्रकृति संरक्षण के लिए प्रेरित किया।

इस अवसर पर सिविल जज (सीनियर डिवीजन) एवं सचिव, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण पुनीत कुमार ने कहा कि पर्यावरण संरक्षण केवल सामाजिक उत्तरदायित्व नहीं, बल्कि प्रत्येक नागरिक का कानूनी एवं नैतिक दायित्व भी है। उन्होंने विद्यार्थियों से प्रत्येक वर्ष कम से कम एक पौधा लगाने और उसकी नियमित देखभाल करने का संकल्प लेने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि जिला विधिक सेवा प्राधिकरण न्याय तक आसान पहुंच सुनिश्चित करने के साथ-साथ पर्यावरण संरक्षण जैसे महत्वपूर्ण सामाजिक विषयों पर भी निरंतर जनजागरूकता अभियान संचालित कर रहा है।
चंडी प्रसाद भट्ट पर्यावरण एवं विकास केंद्र के प्रबंधक न्यासी ओम भट्ट ने हिमालयी क्षेत्रों की जैव विविधता, जल स्रोतों एवं प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण की आवश्यकता पर बल देते हुए कहा कि पर्यावरण संरक्षण जनभागीदारी से ही सफल हो सकता है। उन्होंने युवाओं से प्रकृति के प्रति संवेदनशील बनने तथा वृक्षारोपण को जनआंदोलन का स्वरूप देने का आह्वान किया।
कार्यक्रम में चीफ लीगल एड डिफेंस काउंसिल समीर बहुगुणा, डिप्टी लीगल एड डिफेंस काउंसिल मोहन पंत, मंगला कोठियाल, मनोज तिवारी (संकल्प अभियान) तथा अबक सिंह ने भी पर्यावरण संरक्षण के विभिन्न पहलुओं पर अपने विचार व्यक्त किए।
कार्यक्रम में राजकीय इंटर कॉलेज, बच्छेर के शिक्षक विक्रांत नेगी, तेजपाल सिंह रावत, नरेश नेगी, विद्यालय के अन्य शिक्षकगण, वन विभाग के अधिकारी एवं कर्मचारी तथा स्थानीय ग्रामीण बड़ी संख्या में उपस्थित रहे। कार्यक्रम का संचालन विनय सेमवाल ने किया।
