September 18, 2026

दस सूत्रीय मांगों को लेकर ग्राम प्रधानों में रोष, आज ब्लॉक मुख्यालयों पर करेंगे सांकेतिक तालाबंदी

 

 

दस सूत्रीय मांगों को लेकर ग्राम प्रधानों में रोष, आज ब्लॉक मुख्यालयों पर करेंगे सांकेतिक तालाबंदी

 

चमोली। प्रदेश प्रधान संगठन उत्तराखंड की दस सूत्रीय मांगों पर सरकार की ओर से अब तक कोई ठोस निर्णय नहीं लिए जाने से ग्राम प्रधानों में नाराजगी बढ़ती जा रही है। संगठन का कहना है कि पिछले चार माह से लगातार सरकार के समक्ष मांगें रखी जा रही हैं और मुख्यमंत्री को मांगपत्र भी सौंपा गया, लेकिन अभी तक मांगों का निराकरण नहीं हो पाया है।

 

प्रदेश प्रधान संगठन ने कहा कि ग्राम प्रधानों की प्रमुख मांगों में न्यूनतम 20 हजार रुपये प्रतिमाह मानदेय, ग्राम पंचायत वार्ड सदस्यों को खुली बैठक में प्रतिभाग करने पर मानदेय, मनरेगा एवं वीबी-जी राम जी योजना में श्रमिकों की उपस्थिति ऑफलाइन किए जाने तथा ग्राम पंचायतों को मिलने वाली राज्य वित्त एवं केंद्रीय वित्त की धनराशि को जनसंख्या और भौगोलिक क्षेत्रफल के आधार पर बढ़ाना शामिल है।

 

संगठन ने जिला योजना से स्वीकृत होने वाले विकास कार्यों को ग्राम पंचायत की खुली बैठक में अनिवार्य रूप से पारित कराने तथा जिला योजना की बैठक में ग्राम प्रधान संगठन को नामित सदस्य के रूप में आमंत्रित करने की मांग भी उठाई है। इसके साथ ही पंचायतीराज एक्ट में शामिल सभी 29 विभागों को ग्राम पंचायतों को हस्तांतरित करने की मांग की गई है।

 

प्रधान संगठन ने विधायक एवं सांसद निधि की तर्ज पर ग्राम प्रधान निधि की व्यवस्था करने, ग्राम पंचायतों में 10 लाख रुपये तक के स्वीकृत कार्यों की कार्यदायी संस्था ग्राम पंचायत को बनाए जाने तथा ग्राम प्रधानों का पंचायतीराज विभाग के माध्यम से स्वास्थ्य एवं जीवन बीमा कराने की मांग की है।

 

वहीं, प्रधानमंत्री आवास प्लस सर्वे-2024 में नाम होने के बावजूद प्राथमिकता सूची में नाम नहीं आने वाले जरूरतमंद लाभार्थियों के नाम प्रधानमंत्री आवास सॉफ्ट की प्राथमिकता सूची में शामिल करने की मांग की गई है।

 

संगठन ने 16वें वित्त की नई गाइडलाइन के तहत प्रत्येक परिवार से 100 रुपये प्रतिमाह अथवा 1200 रुपये वार्षिक टैक्स वसूलने तथा टैक्स लागू नहीं होने पर ग्राम पंचायतों को मिलने वाली 20 प्रतिशत धनराशि में कटौती के प्रावधान में संशोधन कर ग्राम पंचायतों को टैक्स लगाने की बाध्यता से मुक्त करने की भी मांग उठाई है।

 

प्रदेश प्रधान संगठन का कहना है कि सरकार की ओर से बार-बार आश्वासन मिलने के बावजूद मांगों का समाधान नहीं हुआ है। इसके विरोध में प्रदेश संगठन के आह्वान पर 18 सितंबर 2026 को सुबह 11 बजे से ब्लॉक मुख्यालयों पर एक दिवसीय सांकेतिक तालाबंदी एवं प्रदर्शन किया जाएगा।

 

संगठन ने चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगों पर जल्द सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया तो आंदोलन को आगे बढ़ाया जाएगा।

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