चतुर्थ श्रेणी राज्य कर्मचारी बिना अन्न ग्रहण किए ड्यूटी पर तैनात
चतुर्थ श्रेणी राज्य कर्मचारी संघ चिकित्सा स्वास्थ्य सेवाएँ उत्तराखंड द्वारा बिना अन्न ग्रहण किये बिना 13 वें दिवस कर्मचारियों द्वारा अपनी ड्यूटी की गई। कर्मचारी संघ ने आरोप लगाया कि सरकार/महानिदेशालय/आयुर्वेद विश्वविद्यालय की ओर से कोई सुनवाई और ठोस कार्यवाही पदोन्नति, और कर्मचारियों को उद्यान विभाग के माली की भांति टेक्निकल किया जाना, पोष्टिक आहार भत्ता, जोखिम भत्ता, पुलिस के चतुर्थ श्रेणी कर्मियों की भांति एक माह का मानदेय न किये जाने के कारण संघ द्वारा अग्रिम आंदोलन कार्यक्रम दिया गया है जो कि 16 अगस्त से लागू किया जायेगा।
आंदोलन कार्यक्रम
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1- प्रदेश के समस्त चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी 16 अगस्त से 21 अगस्त तक अपनी ड्यूटी करते हुए जिला चिकित्सालय, मेडिकल कॉलेज, सामु स्वास्थ्य केंद्र/प्रा स्वास्थ्य केंद्रों/सी एम ओ कार्यालय के बाहर गेट मीटिंग करेंगे और मुख्य चिकित्सा अधिकारी और प्रमुख अधीक्षक /परिसर निदेशक के माध्यम से माननीय स्वास्थ्य मंत्री जी को ज्ञापन भेजेंगे।
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2- 23 अगस्त को प्रदेश के समस्त जनपदों के कर्मचारी महानिदेशालय और आयुर्वेद विश्वविद्यालय की सद्बुद्धि के लिए यज्ञ करेंगे जिससे उनको कर्मचारियों की मांगों के निस्तारण के लिए सद्बुद्धि आये।
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3-24-25 अगस्त को प्रत्येक जनपद के कर्मचारी रैली और समूह के माध्यम से अपनी मांगों के निस्तारण के लिए जिलाधिकारी/नगर मजिस्ट्रेट के माध्यम से माननीय मुख्यमंत्री जी को ज्ञापन भेजेंगे।
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4-26 अगस्त से जब तक कर्मचारियों की मांगों का निस्तारण नही हो जाता तब तक समस्त जनपद के कर्मचारी अपने जिले के2 से5 कर्मचारी चिकित्सालय/कार्यालय के प्रांगण में क्रमिक अनशन पर रहेंगे और देहरादून जनपद के कर्मचारी महानिदेशक कार्यालय ओर आयुर्वेदिक विश्वविद्यालय के प्रांगण में क्रमिक अनशन पर बैठेंगे।
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5- दस दिवस तक क्रमिक अनशन चलेगा अगर इस बीच भी कोई कार्यवाही नही की जाती तो क्रमिक अनशन आमरण अनशन में प्रवर्तित हो जाएगा और प्रांतीय पदाधिकारियों की अगुवाई में सभी जनपदों के अध्यक्ष मंत्री बारी -बारी से आमरण अनशन की तैयारी करेंगे इसमें कोई भी घटना या कर्मचारी को जनहानि होने की दशा में समस्त उत्तरदायित्व विभागध्यक्ष का होगा।
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प्रदेश अध्यक्ष दिनेश लखेड़ा महामन्त्री सुनील अधिकारी, प्रदेश उपाध्यक्ष नेलसन अरोड़ा, दीपक धवन ने कहा कि महानिदेशालय और आयूर्वेद विश्वविद्यालय अपनी हठधर्मिता पर अड़ा है सभी संवर्गो की पदोन्नति हो चुकी है किंतु स्वास्थ्य और आयूर्वेद के कर्मचारी विभाग की कारगुजारियों से त्रस्त है अब आंदोलन का फैसला होगा या फिर हमारे कर्मचारी अपनी मांगों के लिए शहीद भी हो जाएं तो कोई गम नहीं मांग पूरी होने से पहले कोई समझौता नहीं।
प्रदेश प्रवक्ता शिवनारायण सिंह,वरिष्ठ उपाध्यक्ष गिरीश पंत, संयुक्त सचिव रविन्द्र सिंह ऑडिटर महेश कुमार ने कहा कि आयूर्वेद विश्वविद्यालय की स्थिति बद से बदतर होती जा रही है कर्मचारियों को समय पर वेतन, जी पी एफ नही निकलता जो कर्मचारी सेवानिवृत्त हो चुके हैं उनके देयक पेंसन दो दो साल से लटकी हुई है, कर्मचारियों की ए सी पी नही लगी है कर्मचारियों की पदोन्नति कई वर्षों से नही हुई है, अगर किसी पद पर नियुक्ति होती है तो कर्मचारी के योग्य आश्रितों को विभागीय होने के बाद भी कोई भी वेटेज नही दी जाती है जब से कर्मचारी विश्वविद्यालय में गये है तब से विपपतियों का पहाड़ टूट पड़ा है जो कि अब बर्दाश्त से बाहर है।
अन्न ग्रहण न करने वालों में शिवनारायण सिंह, नेलसन अरोड़ा, दीपक धवन, गिरीश पन्त, गुरुप्रसाद गोदियाल, त्रिभुवन पाल, नवीन, शीशपाल, मूलचंद चौधरी, महेश कुमार, मुकेश, दिनेश, मोहित, अरुण, नाथी, आशुतोष, राकेश, ताजबर सिंह, मनीष, प्रवीण, त्रिलोक, पुरन, सुरेश चंद्र, पवन, पंकज, अवनीश, कमल, कामेंद्र, सरोज, ममता, सुदेश, अजय रानी, नीलम, मुन्नी देवी, चंद्रकला, बाला देवी इत्यादि ने अपनी मांगों पर विचार न किये जाने पर विरोध प्रकट किया।
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