November 4, 2026

देहरादून में “अपणु पहाड़ अपणी संस्कृति” कार्यक्रम में दिखी उत्तराखण्ड की समृद्ध लोक संस्कृति

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के बालावाला स्थित एक निजी फार्म हाउस में आयोजित “अपणु पहाड़ अपणी संस्कृति मंच” कार्यक्रम में उत्तराखण्ड की विविध सांस्कृतिक छटा देखने को मिली। चमोली, रुद्रप्रयाग और देहरादून समेत कई जनपदों से आए सांस्कृतिक दलों ने शानदार प्रस्तुतियां देकर दर्शकों का मन मोह लिया।

कार्यक्रम का विधिवत उद्घाटन पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत, पूर्व मंत्री राजेन्द्र भण्डारी तथा आयोजक हेमा पुरोहित द्वारा दीप प्रज्ज्वलित कर किया गया। इस दौरान अतिथियों ने आयोजन की सराहना करते हुए इसे संस्कृति संरक्षण की दिशा में महत्वपूर्ण पहल बताया।

अपने संबोधन में हरीश रावत ने कहा कि उनके कार्यकाल में जिस ‘मंडवे’ (स्थानीय अनाज) को बढ़ावा दिया गया था, आज उसकी मांग देश-विदेश के बाजारों में बढ़ रही है। उन्होंने कहा कि अपनी संस्कृति, खान-पान और परंपराओं को बचाने के लिए सभी को बिना राजनीति के मिलकर प्रयास करना होगा।

मंच की अध्यक्ष हेमा पुरोहित ने बताया कि इस कार्यक्रम का उद्देश्य देहरादून में बसे उत्तराखण्ड के लोगों को एक मंच पर लाना और नई पीढ़ी को अपनी सांस्कृतिक विरासत से जोड़ना है।

वहीं पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष रजनी भण्डारी ने कहा कि ऐसे आयोजन आपसी मेल-जोल बढ़ाने के साथ-साथ लोक संस्कृति के संरक्षण में अहम भूमिका निभाते हैं। चमोली जनपद के पोखरी विकासखंड से पहुंचे दुर्गेश सती ने कहा कि यह कार्यक्रम वर्षों पुराने साथियों से पुनर्मिलन का अवसर भी बनता है।

कार्यक्रम में प्रसिद्ध लोक कलाकारों ने भी अपनी प्रस्तुतियों से समां बांध दिया। बंसती बिष्ट, किशन महिपाल, बीरू जोशी और सौरभ मैठाणी ने शानदार लोकगीतों व जागरों से दर्शकों का भरपूर मनोरंजन किया।

इस दौरान पहाड़ी खान-पान, पारंपरिक परिधान और आर्टिफिशियल गहनों के स्टॉल भी आकर्षण का केंद्र रहे, जहां लोगों ने स्थानीय उत्पादों का आनंद लिया।

समापन:
“अपणु पहाड़ अपणी संस्कृति” कार्यक्रम ने एक बार फिर यह साबित किया कि उत्तराखण्ड की लोक संस्कृति आज भी जीवंत है और उसे सहेजने के लिए ऐसे आयोजनों की अहम भूमिका है।

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