बाहरी व्यक्तियों पर सख्त निगरानी: एसपी चमोली ने वीसी में दिए कड़े निर्देश, संख्या नहीं बल्कि गहन व गुणवत्तापूर्ण सत्यापन पर जोर।
उत्तराखंड पुलिस मुख्यालय स्तर से चल है बाहरी व्यक्तियों और संदिग्ध तत्वों के खिलाफ Operation Crack Down Verification Drive” ने जनपद चमोली में रफ्तार पकड़ ली है। 15 फरवरी 2026 से शुरू हुए इस एक माह के सघन अभियान को लेकर पुलिस अधीक्षक चमोली सुरजीत सिंह पँवार बेहद सख्त नजर आए। एसपी चमोली द्वारा वीसी के माध्यम से समस्त क्षेत्राधिकारियों, थाना प्रभारियों, स्थानीय अभिसूचना इकाई और एसओजी की बैठक ली गई।

👉 एसपी चमोली ने स्पष्ट किया कि सत्यापन अभियान के दौरान केवल संख्या बढ़ाने के बजाय गुणवत्ता पर ध्यान दिया जाए। प्रत्येक व्यक्ति के दस्तावेजों और पृष्ठभूमि की गहनता से जांच की जाए। सत्यापन की ‘क्वालिटी’से ही सुरक्षा सुनिश्चित होगी।

👉 ऐसे गांव जो पूर्व में राजस्व क्षेत्र में थे और अब पुलिस क्षेत्र में सम्मिलित हुए हैं, वहां विशेष रूप से जाकर शत-प्रतिशत सत्यापन सुनिश्चित किया जाए। साथ ही, जनपद के अत्यंत दूरस्थ गांवों में भी सत्यापन टीम भेजी जाए।
👉 ऐसे स्थानीय व्यक्ति जो लंबे समय तक बाहर रहकर वापस आए हैं, उनकी गतिविधियों का भी आवश्यक सत्यापन किया जाए।

👉 संस्थानों में पढ़ रहे बाहरी छात्र और होमस्टे में कुछ समय के लिए रुकने वाले शॉर्ट टर्म’ गेस्ट भी अब पुलिस के रडार पर रहेंगे।
👉 गांवों में घूम-घूम कर ज्वैलरी चमकाने वाले, फेरी लगाने वाले, लकड़ी की चिरान करने वाले और बाहरी मजदूरों का गहन भौतिक सत्यापन किया जाए।
वीसी के दौरान एसपी चमोली ने सभी थाना प्रभारियों से अब तक किए गए सत्यापन कार्यों का फीडबैक लिया और आवश्यक सुधार हेतु निर्देशित किया। उन्होंने कहा कि सीमांत जनपद की सुरक्षा और शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए यह अभियान अत्यंत महत्वपूर्ण है और इसमें किसी भी प्रकार की शिथिलता बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
इस दौरान पुलिस उपाधीक्षक कर्णप्रयाग त्रिवेन्द्र सिंह राणा, पुलिस उपाधीक्षक चमोली मदन सिंह बिष्ट व अन्य मौजूद रहे।
