राजकीय स्नात्तकोत्तर महाविद्यालय नागनाथ पोखरी में हिमवंत कवि चन्द्र कुवंर बर्त्ताल की जयंती पर किया याद।




चमोलीःहिमवंत कवि चन्द्रकुवंर बर्त्वाल राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय नागनाथ पोखरी में हिन्दी विभाग द्वारा कालजयी रचनाकार हिवमंत कवि चन्द्रकुवंर बर्त्ताल की जयंती धूमधाम से मनायी गई। हिन्दी विभाग द्वारा कॉलेज परिसर में स्थित कवि चन्द्रकुवंर बर्त्वाल की मूर्ति पर मार्ल्यापण कर उन्हें श्रद्धा सुमन अर्पित किये गये। इस दौरान हिन्दी विभाग द्वारा एक कार्यक्रम का भी आयोजन किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ कवि के चित्र पर माल्यापर्ण कर दीप प्रज्जलित कर किया गया।

उस दौरान हिन्दी विभागाध्यक्ष डॉ.नंदकिशोर चमोला ने हिमवंत कवि चन्द्र कुवंर बर्त्ताल के कवित्व,व्यक्त्वि व सम्पूर्ण जीवन पर प्रकाश डाला गया। हिन्दी के छात्र मानवेन्द्र ने कवि की रचना कंकण-पत्थर, छात्रा प्रिया ने “अब छाया में गुंजन होगा“ एवं छात्रा लक्ष्मी ने “अब मेरे पहाड़ प्यारे होंगे“ कविताओं का सुन्दर वाचन किया। कार्यक्रम में डॉ. एस.के.जुयाल,डॉ.रामानन्द उनियाल,डॉ.प्रवीन मैठाणी,एवं कई छात्र-छात्रायें मौजूद रहे।
गौरतलब है कि, कवि चन्द्र कुवंर बर्त्ताल का नागनाथ पोखरी में 12 साल का जीवन बीता है। जहां उन्होंने अपनी माध्यमिक शिक्षा के दौरान कई कालजयी कविताओं की रचना की। हिन्दी साहित्य को वह अल्प समय में साहित्य का बड़ा खजाना छोड़कर गये है। उनकी कविताओं की तुलना छायावादी कवि प्रसाद,पंत व निराला के अलावा अंग्रेजी के प्रसिद्ध कवि जोन,कीट्स व विलियमस से की जाती है। उन्होंने अपनी प्रसिद्ध रचनाओं के जरिये चमोली जनपद व नागनाथ पोखरी को एक अलग पहचान दिलाई है।

