सियासत: दलबदलू नेताओं ने गर्माया सूबे का सियासी पारा,भाजपा फिर मोदी भरोसे तो, कांग्रेस ने किये लोकलुभावन वादे



देहरादून। विधानसभा चुनाव 2022 की तिथि तय होने के साथ ही भाजपा कांग्रेस समेत अनेक दलों के साथ साथ कई निर्दलीय प्रत्यासियों ने भी नामांकन शुरू कर दिये है। हॉलाकि कोरोना संक्रमण के कारण इस बार प्रत्यासियों को बिना दल बल के नांमाकन करना पड रहा है। इस चुनावी महासंग्राम में एक ओर आरोप प्रत्यारोपों की जुबानी जंग जारी है वही दूसरी ओर दल बदलू नेता निजी हित में पाटीयों बदल रहे है।कुछ दिन पहले जो नेता दूसरे दलों पर गंभीर आरोप लगाते थे आज वही नेता उसी पाटी में सामिल होकर उसी का महिमामंडन कर रहे।
वही दूसरी ओर सभी राजनीतिक पाटीयों वोटरों को अपनी ओर आक्रसित करने के लिए लोक लुभावने वादे कर रही है। मुख्य विपक्षी पाटी ने जहां अपने चुनावी नारे का चारधाम चार काम नाम दिया है जिसमें गैस सिलेडर 5 सौ से कम,4लाख युवाओं को रोजगार,5लाख परिवारों को सालाना 40हजार रूपये और स्वास्थ्य सेवायें हर गांव हर द्वार पंहुचाने का वादा किया है। वही सत्ताधारी पार्टी भाजपा इस बार भी केन्द्र की मोदी सरकार की योजनाओं के भरोसे जनता से वोट मांग रही है।

कांग्रेस व भाजपा के अलावा इस बार चुनावी रण में आम आदमी पार्टी भी है जो 70 विधानसभा सीटों पर दोनों पक्ष व विपक्ष के उम्मीदवारों की गणित खराब करने में जुटी हुई है। हॉलाकि अभी तक की रिपोर्ट में यही कहा जा रहा है कि आम आदमी पार्टी इस बार के चुनाव में कोई प्रभाव नहीं दिखा पायेगी लेकिन क्षेत्रीय पार्टी यूकेडी कुछ सीटों पर जमकर मेहनत करें तो इस बार फिर से यूकेडी का खाता खूल सकता है।
उत्तराखंड की फिजाओं में भले ही कुछ दिनों से लगातार बारिस व बर्फवारी के कारण शीत लहर चल रही हो लेकिन जैसे जैसे मतदान की तिथि नजदीक आ रही है सियासी पारा लगतार गर्मा रहा है। भाजपा व कांग्रेस दोनों मुख्यदलों के पुराने कार्यकताओं व कई सीटिंग विधायकों के टिकट कटने से वह सामूहिम स्तीफे व पार्टी तक बदल रहे है।
उत्तराखंड में किस दल की सरकार बनेगी यह कहना अभी से जल्दबाजी होगा लेकिन जिस तरह से यहां का मतदाता स्पष्ठ तौर पर ज्यादा कुछ नही ंकह रहा है। उससे साफ पता चलता है कि, यह तुफान आने से पहले की खामोसी हो सकती है। बहरहाल इस सियासी तुफान में किसकी नौया पार लगेगी और किसी नौया डूबेगी इसका फैसला 10 मार्च को होगा लेकिन इतना जरूर कहा जा सकता है सत्ता पक्ष व विपक्ष में सीटों का अंतर बहुत कम रहेगा।
-भानु प्रकाश नेगी हिमवंत प्रदेश न्यूज,देहरादून

