एम्स में शुरू हुई पीईटी (पेट) स्कैन की सुविधा, केन्द्रीय स्वास्थ्य और परिवार कल्याण राज्य मंत्री ने किया उद्घाटन




एम्स ऋषिकेश में रोगियों को अब पेट स्कैन की सुविधा भी मिलेगी। केन्द्रीय स्वास्थ्य और परिवार कल्याण राज्य मंत्री प्रताप राव जाधव ने एम्स ऋषिकेश में पेट स्कैन जांच स्वास्थ्य सुविधा का विधिवत उद्घाटन किया। उन्होंने कैंसर रोग की जांच और इलाज के लिए पीईटी स्कैन सुविधा को मील का पत्थर बताते हुए इस सुविधा को उत्तराखंड ही नहीं उत्तर प्रदेश और अन्य समीपवर्ती राज्यवासियों के लिए विशेष लाभकारी बताया। उत्तराखंड में एम्स ऋषिकेश पहला सरकारी स्वास्थ्य संस्थान है, जहां यह सुविधा शुरू की गयी है। इस अवसर पर उन्होंने आयुष विभाग में आयुष पुस्तकालय और विभाग की टेलिमेडिसिन सेवाओं का भी उद्घाटन किया.
अत्याधुनिक पीईटी-सीटी (पेट स्कैन) सुविधा की शुरूआत संस्थान की नैदानिक इमेजिंग क्षमताओं में एक परिवर्तनकारी प्रगति को दर्शाता है। घातक बीमारी कैंसर की जांच में बहुलाभकारी यह सुविधा अत्याधुनिक पीईटी-सीटी सिस्टम से सुसज्जित है, जो पॉजिट्रॉन एमिशन टोमोग्राफी (पीईटी) और कंप्यूटेड टोमोग्राफी (सीटी) को एकीकृत करता है।

एम्स ऋषिकेश में इस सुविधा का उद्घाटन करते हुए केन्द्रीय आयुष राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) और केन्द्रीय परिवार स्वास्थ्य और परिवार कल्याण राज्य मंत्री प्रताप राव जाधव ने कैंसर रोगियों के इलाज में इसे एक सौगात बताया। उन्होंने कहा कि इस सुविधा के शुरू हो जाने से ऑन्कोलॉजी, न्यूरोलॉजी, कार्डियोलॉजी और कई अन्य मामलों में स्वास्थ्य देखभाल तथा कैंसर संबंधी जांचों को आगे बढ़ाने में विशेष लाभ मिलेगा। उन्होंने कहा कि AIIMS ऋषिकेश लगातार प्रगति कर रहा है। बादल फटने से उत्तरकाशी ज़िले में हुई घटना बेहद पीड़ादायक है । वहाँ घायल हुए लोगों को AIIMS ऋषिकेश के लिए रेफ़र किया जा सकता है ।जिसको लेकरAIIMS के डॉक्टरों द्वारा सभी तैयारियां पूरी कर ली गई है और स्वास्थ्य मंत्री होने के नाते उन्होंने भी ऋषिकेश एम्स आकर व्यवस्थाओं का जायज़ा लिया।
एम्स ऋषिकेश की निदेशक मीनू सिंह ने कहा कि उत्तरकाशी के धराली में दर्दनाक घटना हुई है। धराली गांव पूरी तरह से खीर गंगा की चपेट में आ गया। इस घटना में बहुत लोग फंसे होने की आशंका है। जिसके लिए एम्स ऋषिकेश पूरी तरह से तैयार है। गंभीर घायलों के इलाज के लिए एम्स के ट्रामा सेंटर में बेड एवं अन्य उपचार सामग्री उपलब्ध करा दी गई है। साथ ही नर्सिंग ऑफिसर और चिकित्सकों को घायलों का उचित उपचार करने के निर्देश दिए है।
उन्होंने कहा कि AIIMS ऋषिकेश लगातार प्रगति कर रहा है। बादल फटने से उत्तरकाशी ज़िले में हुई घटना बेहद पीड़ादायक है । वहाँ घायल हुए लोगों को AIIMS ऋषिकेश के लिए रेफ़र किया जा सकता है ।जिसको लेकरAIIMS के डॉक्टरों द्वारा सभी तैयारियां पूरी कर ली गई है और स्वास्थ्य मंत्री होने के नाते उन्होंने भी ऋषिकेश एम्स आकर व्यवस्थाओं का जायज़ा लिया।

