राजजात यात्रा पर असमंजस खत्म करने की पहल, सीएम से बैठक की मांग
थराली: हिमालयी सचल कुंभ के नाम से प्रसिद्ध नंदा देवी राजजात यात्रा के आयोजन को लेकर उत्पन्न असमंजस की स्थिति पर चमोली जनपद के थराली विकासखंड स्थित परगना बधाण के श्री नंदा देवी राजराजेश्वरी सिद्धपीठ देवराड़ा में राजजात महापंचायत का आयोजन किया गया। महापंचायत में विभिन्न क्षेत्रों से पहुंचे प्रतिनिधियों ने राजजात यात्रा को लेकर अपने विचार रखे।
महापंचायत में सभी मंदिर समितियों, 14 सयाणों, 12 थोकी ब्राह्मणों, मालगुजारों, पुजारियों सहित बधाण, वाण, सोल पट्टी, थराली और चेपणो क्षेत्रों से आए प्रतिनिधि मौजूद रहे। बैठक के दौरान बधाण कुरूड़ नंदा देवी के पुजारियों और वाण लाटू देवता के प्रतिनिधियों सहित सभी पक्षों ने अपनी-अपनी बात रखी।
महापंचायत में अधिकांश वक्ताओं ने स्पष्ट किया कि जब तक राजा के प्रतिनिधि एवं राजछंतोली नंदा देवी राजजात यात्रा में शामिल नहीं होते, तब तक वे भी राजजात यात्रा में सम्मिलित नहीं होंगे।
इस दौरान नंदा देवी राजजात समिति के कोषाध्यक्ष सुशील रावत ने बताया कि महापंचायत में इस बात पर सहमति बनी है कि यदि कांसुवा के राजवंशी कुंवरों द्वारा नंदा देवी राजजात यात्रा वर्ष 2027 में निर्धारित की जाती है, तो यात्रा उसी समय आयोजित की जाएगी।
वहीं कुरूड़ नंदा देवी मंदिर समिति के अध्यक्ष नरेश गौड़ ने कहा कि राजजात को लेकर बनी भ्रम की स्थिति को दूर करने के लिए मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में बैठक आयोजित किए जाने की मांग रखी गई है, ताकि यात्रा को लेकर स्थिति पूरी तरह स्पष्ट हो सके।
राजजात यात्रा में अहम भूमिका निभाने वाले अंतिम आबादी वाले गांव वाण की ग्राम प्रधान नंदुली बिष्ट ने कहा कि नंदा देवी राजजात यात्रा परंपराओं के अनुरूप होनी चाहिए। वर्तमान में व्यवस्थाएं अपर्याप्त हैं, लेकिन वर्ष 2027 तक सभी आवश्यक व्यवस्थाएं पूरी होने की उम्मीद है।
नंदा देवी राजजात को लेकर थराली में महापंचायत, 2027 पर बनी सहमति
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परंपरा के साथ ही हो नंदा देवी राजजात यात्रा: महापंचायत
