गैरसैंण विधानसभा बनी संस्कृति का आईना, दीवारों पर सजी नंदा देवी राजजात और रम्माण की झलक
उत्तराखंड की ग्रीष्मकालीन राजधानी गैरसैंण स्थित भराडीसैंण विधानसभा को राज्य की लोक संस्कृति और विरासत से जोड़ने का कार्य लगातार जारी है। इसी क्रम में विधानसभा भवन की भीतरी दीवारों पर उत्तराखंड की समृद्ध लोक परंपराओं और सांस्कृतिक विरासत को दर्शाती भव्य पेंटिंग्स उकेरी गई हैं।

अब विधानसभा के अंदर की दीवारों पर हिमालयी सचल कुंभ श्री नंदा देवी राजजात यात्रा की सजीव चित्रकला के साथ-साथ पौराणिक लोक संस्कृति रम्माण के पारंपरिक मुखौटों को आकर्षक ढंग से सजाया गया है, जो दर्शकों को उत्तराखंड की सांस्कृतिक आत्मा से रूबरू कराते हैं।
इस संबंध में विधानसभा अध्यक्ष ऋतु भूषण खंडूड़ी का कहना है कि इस पहल का उद्देश्य उत्तराखंड के स्थानीय कलाकारों को रोजगार से जोड़ना और नई पीढ़ी को राज्य की लोक संस्कृति एवं विरासत से परिचित कराना है।

वहीं, विधानसभा की दीवारों को लोक सांस्कृतिक विरासत से सजाने में लंबे समय से जुटे समीक्षा अधिकारी शेखर पंत का कहना है कि विधानसभा अध्यक्ष के निर्देश पर न केवल दीवारों पर उत्तराखंड की लोक संस्कृति से जुड़े चित्र उकेरे जा रहे हैं, बल्कि विधानसभा परिसर के बाहर विभिन्न व्यू-पॉइंट्स भी विकसित किए जा रहे हैं, ताकि यहां आने वाले पर्यटक उत्तराखंड की संस्कृति को करीब से जान सकें।
आपको बता दें कि गैरसैंण के भराडीसैंण में स्थित यह विधानसभा भवन दुनिया की खूबसूरत विधानसभाओं में से एक माना जाता है। हर वर्ष इसे देखने के लिए हजारों पर्यटक यहां पहुंचते हैं, जिन्हें अब इस भव्य परिसर में उत्तराखंड की लोक संस्कृति और परंपराओं की जीवंत झलक भी देखने को मिलेगी।
