पूर्व सीएम हरीश रावत ने किया शताब्दी स्मृति ग्रंथ विकास पुरुष नरेंद्र सिंह भंडारी पुस्तक का विमोचन



देहरादूनः राजीव भवन प्रदेश कांग्रेस के सभागार में विकास पुरूष नरेन्द्र सिंह भण्डारी पर आधारित शताब्दी स्मृति ग्रंथ का लोर्कापण पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत द्वारा किया गया।शताब्दी स्मृति ग्रंथ का प्रकाशन चन्द्रकुंवर बर्त्वाल शोध संस्थान उत्तराखंड द्वारा किया गया। पुस्तक में पूर्व मंत्री उत्तर प्रदेश सरकार स्व. नरेन्द्र सिंह भण्डारी के व्यक्तित्व और कृतृत्व पर प्रकाश डाला गया है।स्व.नरेन्द्र सिंह भण्डारी मूलतः एक पत्रकार थें। जिन्होंने अपनी बात,हमारी बात,स रहदी,व नया भारत का संपादन किया। नया भारत अखबार उत्तर प्रदेश कांग्रेस कमेटी का प्रमुख पत्र था।
1957 में भण्डारी पहली बार बद्रीकेदार विधान सभा क्षेत्र से विधायक चुने गये।उसके बाद सन् 1971 से 1977 तक उत्तर प्रदेश मंत्री मंडल मंे वित, वन, संसदीय कार्य एवं पर्वतीय विकास विभाग के मंत्री रहे। 1971 से 77 तक वे उत्तर विधान मंडल दल के संसदीय महामंत्री रहे।
कार्यक्रम के दौरान वक्ताओं ने कहा कि भण्डारी जी ने पहाड़ों के विकास के लिए बहुत बडे काम किये।सड़क,स्कूल,अस्तपाल की बड़ी तादात में स्वीकृति दिलाई।उत्तराखंड को पर्यटन के मानचित्र पर लाने के लिए प्रयास रत रहें।लेखक कुशुम रावत ने कहा कि स्व. भण्डारी दूर दृष्टि के जननायक थे जिन्होंने पत्रकारिता के द्वारा जन जागरण किया।पुस्तक के लेखक डॉ. योगम्बर सिंह बर्त्वाल ने उनके 66 वर्षीय जीवन को किताब में उतार दिया है। संपादक युगवाणी संजय कोठियाल ने कहा कि भण्डारी पिछली पीड़ी के एक सिद्वहस्त पत्रकार थें पर्वतीय क्षेत्र का विकास उनका लक्ष्य था। कर्णप्रयाग के का्रंगेसी नेता भुवन नौटियाल ने भण्डारी के विकास कार्यो की चर्चा की और लेखक डॉ बर्त्वाल को पुस्तक के लिए बधाई दी।
पुस्तक के लेखक डॉ योगम्बर सिंह बर्त्वाल ने कहा कि,पुस्तक में 1960 के आस पास के लेखकों की रचनायें जो 1960 के सरहदी में छपी थी इसमें प्रयाप्त स्थान दिया गया है। भण्डारी द्वारा 1960 में तीन सीमांत जनपद चमोली,उत्तरकाशी पिथौरागढ़ की पृष्ठभूमि पर प्रकाश डाला। भण्डारी के शैक्षणिक स्तर विधायकी क्षेत्र लेखन एवं पर्वतीय विकास के लिए किये गये बुनियादी कामों पर प्रकाश डाला गया है। भण्डारी की हस्तलिपि में डायरी के अंश भी दिये गये है।पुस्तक में भण्डारी के सभी कार्यो पर प्रकाश डाला गया है।
मुख्य अतिथि हरीश रावत ने भण्डारी जी के संस्मरण सुनाये एवं उनके द्वारा पर्वतीय क्षेत्र के विकास की सरहाना की गई।पुस्तक के लेखक डॉ. योगम्बर सिंह बर्त्वाल को उन्होंने पुस्तक के लिए धन्यवाद दिया। हरीश रावत ने कहा कि मेरे लखनउ प्रवास की अवधि में बहुत कुछ सीखने को मिलता था।उन्होने जो बुनियादी ढांचा तैयार किया उसी पर आज विकास के नये काम हो रहे है।
सभा का संचालन डॉ कमला पंत ने किया जिन्होंने हिमवंत कवि चन्द्रकुंवर बर्त्वाल की कविताओं को उद्हलित करते हुए उनके साहित्य की गरिमा के बारे में बताया।
सभा की अध्यक्षता कर रहे वरिष्ठ कांग्रेसी नेता पूर्व मंत्री शूरबीर सिंह सजवाण ने सभा आगंतुकों का धन्यवाद किया एवं विद्वान वक्ताओं की प्रसंसा की। सभा में चन्द्र मोहन कण्डारी,सुनील नौटियाल,डॉ मीनाक्षी रावत,प्रभा सजवाण,महिपाल सिंह रावत,सुर्दशन सिंह बर्त्वाल एवं डॉ मनवेन्द्र बर्त्वाल, मीडिया प्रभारी भानु प्रकाश नेगी उपस्थित थे । हल्दवानी से प्रेम सिंह रावत के पुत्र भूपाल सिंह रावत सपिरवार कार्यक्रम में उपस्थित रहे।

