देहरादून में रोड रेज की घटना में ब्रिगेडियर (से.नि.) मुकेश जोशी की मौत, पूर्व सैनिकों में आक्रोश


कानून व्यवस्था पर उठे सवाल, दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई और सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने की मांग
देहरादून में रोड रेज की एक गंभीर घटना में ब्रिगेडियर (सेवानिवृत्त) मुकेश जोशी की गोली लगने से हुई मौत के बाद पूर्व सैनिकों में भारी आक्रोश देखने को मिल रहा है। इस घटना को लेकर पूर्व सैनिकों ने न केवल गहरा शोक व्यक्त किया है, बल्कि प्रदेश की कानून व्यवस्था पर भी गंभीर सवाल खड़े किए हैं।
पूर्व सैनिकों का कहना है कि यह घटना केवल एक व्यक्ति की मृत्यु नहीं, बल्कि शासन-प्रशासन और समाज के लिए एक बड़ी चेतावनी है। जिस प्रदेश को सैनिक बाहुल्य और शांतिप्रिय कहा जाता है, वहां एक वरिष्ठ पूर्व सैन्य अधिकारी का सुबह की सैर के दौरान हुड़दंगियों की गोली का शिकार होना बेहद चिंताजनक और शर्मनाक है।
उन्होंने कहा कि ब्रिगेडियर जोशी ने करीब 30 वर्षों तक देश की सीमाओं पर रहकर दुश्मनों का सामना किया, लेकिन अपने ही घर में इस तरह की घटना का शिकार होना पूरे सिस्टम पर सवाल खड़े करता है। पूर्व सैनिकों ने कहा कि ऐसी घटनाओं के चलते आम नागरिकों में भी असुरक्षा की भावना बढ़ रही है।
पूर्व सैनिक संघर्ष समिति, क्लेमेनटाउन देहरादून ने सरकार से मांग की है कि आरोपियों के खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई की जाए और प्रदेश की कानून व्यवस्था को चुस्त-दुरुस्त बनाया जाए। साथ ही उन्होंने सुझाव दिया कि यदि पुलिस बल में कमी है, तो युवा पूर्व सैनिकों की सेवाएं सुरक्षा व्यवस्था में ली जा सकती हैं, क्योंकि वे अनुशासन और सुरक्षा प्रबंधन में दक्ष होते हैं।
पूर्व सैनिकों ने यह भी चिंता जताई कि बाहरी राज्यों से आने वाले असामाजिक तत्व प्रदेश की शांति व्यवस्था को बिगाड़ने का प्रयास कर रहे हैं, जिस पर नियंत्रण बेहद जरूरी है।
अंत में पूर्व सैनिकों ने ब्रिगेडियर (से.नि.) मुकेश जोशी को भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए उन्हें “ग्रेट सैल्यूट” दिया और कहा कि वे इस दुख की घड़ी में सरकार के साथ खड़े हैं, लेकिन दोषियों को किसी भी हाल में बख्शा नहीं जाना चाहिए।
