चार माह की दिवारा यात्रा के बाद गौचर पहुँची माता चण्डिका, श्रद्धालुओं ने किया भव्य स्वागत
उत्तराखण्ड में देवी-देवताओं को दिवारा यात्रा के माध्यम से क्षेत्र भ्रमण पर ले जाने की लोक परम्परा सदियों पुरानी है। इसी परम्परा के तहत चमोली जनपद के पोखरी विकासखण्ड के जिलासू क्षेत्र की आराध्य देवी जगतजननी चण्डिका माता की दिवारा यात्रा चार माह तक क्षेत्र के अनेक गांवों का भ्रमण करने के बाद अब गौचर क्षेत्र पहुँची।
गौचर पहुँचने पर धियाणियों एवं श्रद्धालुओं द्वारा माता चण्डिका की दिवारा यात्रा का भव्य स्वागत एवं सत्कार किया गया। श्रद्धालुओं ने माता से सुख-समृद्धि और क्षेत्र कल्याण की कामना की।
वहीं दिवारा यात्रा समिति के सचिव ईश्वर राणा ने बताया कि 24 बाणी गांवों के संयुक्त प्रयास से माता चण्डिका की दिवारा यात्रा को धियाणी मिलन हेतु निकाला गया है, जिसका मुख्य उद्देश्य विश्व कल्याण और सामाजिक एकता को मजबूत करना है।
माता चण्डिका की दिवारा यात्रा को लेकर हर गांव में श्रद्धालुओं का विशाल सैलाब उमड़ रहा है। ब्रह्मगुरु हरि बल्लभ सती का कहना है कि जिस भी गांव और क्षेत्र में माता की दिवारा यात्रा पहुँच रही है, वहां ग्रामीणों और महिलाओं द्वारा पारम्परिक रीति-रिवाजों के साथ भव्य स्वागत किया जा रहा है।
आदि शक्ति चण्डिका माता की दिवारा यात्रा को एक रात्रि अपने घर में ठहराने को लेकर धियाणियों में विशेष उत्साह और श्रद्धा देखने को मिल रही है। हर भक्त माता की सेवा का यह अवसर पाना चाहता है। धियाणियों का कहना है कि वे लंबे समय से माता के अपने घर आगमन की प्रतीक्षा कर रहे थे और अब उनकी मनोकामना पूर्ण हुई है।
