चमोली:SBI पोखरी की कार्यप्रणाली पर उठे सवालिया निशान,क्षेत्रीय जनता परेशान !



जहाँ पूरे देश मे डिजिटल इंडिया की बात की जा रही है। तो वहीं पूरी लेनदेन डिजिटल के माध्यम से ट्रांजेक्सन करने की बात सरकार बड़े दावे से कर रही हो पर जमीनी हकीकत कुछ और ही बयां कर रही हैं। आपको बताते चले कि जिला चमोली का दूरस्त विकासखण्ड नागनाथ पोखरी आज भी मूलभूत सुविधाओ का दंश झेल रहा है। विकासखण्ड पोखरी 72 ग्राम पंचायतों और 7 नगर पंचायत वार्डो का एक बड़ा क्षेत्र है । जहां पर लोग बहुत दूर से एसबीआई की शाखा पोखरी में लेनदेन के लिए आते हैं। लेकिन स्टेट बैंक के कर्मचारियों के रवैये ओर कार्यशैली के चलते क्षेत्रीय जनता में खासा रोष देखा जा रहा है। स्थानीय लोगो का कहना है कि इस कोविड कर्फ्यू में उन्हें बहुत दूर से पैदल बैंक में आना होता है। बैंक में जाकर बैंक के कर्मचारी कहते है कि नैट नहीं चल रहा है। जिससे मायूस होकर उन्हें घर लौटना पड़ता है। बैंक खुलने का समय 10 बजे है लेकिन एसबीआई पोखरी में 10:30 बजे के बाद खुलता है जिससे कि ग्राहकों को अपनी बारी के लिए घण्टो इंतजार करना पड़ता है।

उधर एसबीआई के एकाउंटेट एम एस रावत का कहना है कि उनके सभी कर्मचारी 9 बजे बैंक में आ जाते है । सर्वर के बारे में उनका कहना है कि सरबर मुम्बई से ही नहीं चल पा रहा है। जिसे बैंक में लेनदेन में दिक्कतें आ रही हैं। ऐसे में बड़ा सवाल ये उठता है कि डिजिटल लेनदेन के युग मे भी जनता कब तक परेशान रहेगी।

