September 29, 2026

SIR पर कांग्रेस फैला रही है भ्रम, चुनाव आयोग की सफाई से सामने आया सच : महापौर दीपक बाली

Congress is spreading misinformation regarding the SIR; truth revealed by Election Commission’s clarification: Mayor Deepak Bali.

काशीपुर। नगर निगम काशीपुर के महापौर दीपक बाली ने एसआईआर (स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन) को लेकर कांग्रेस और विपक्ष द्वारा लगाए जा रहे आरोपों पर पलटवार करते हुए कहा कि कांग्रेस लगातार झूठे आरोप लगाकर जनता के बीच भ्रम की स्थिति पैदा करने का प्रयास कर रही है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस के पास जनहित से जुड़े ठोस मुद्दे और जनता के बीच जाने के लिए कोई प्रभावी कार्यक्रम नहीं बचा है, इसलिए वह संवैधानिक संस्थाओं और चुनाव प्रक्रिया पर सवाल उठाकर राजनीतिक भ्रम फैलाने का प्रयास कर रही है।

महापौर दीपक बाली ने भाजपा के प्रदेश प्रवक्ता गुरविंदर सिंह चंडोक के साथ नगर निगम सभागार में आयोजित प्रेस वार्ता में पत्रकारों को संबोधित करते हुए कहा कि एसआईआर सहित चुनाव प्रक्रिया को लेकर विपक्ष द्वारा लगाए जा रहे आरोपों के बीच चुनाव आयोग की ओर से जारी स्पष्टीकरण महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि चुनाव आयोग ने स्पष्ट किया है कि आयोग के प्रमुख निर्णय सर्वसम्मति से लिए जाते हैं। वर्तमान में चुनाव आयोग में मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार तथा निर्वाचन आयुक्त डॉ. सुखबीर सिंह संधू और डॉ. विवेक जोशी हैं।

महापौर  बाली ने कहा कि एसआईआर का उद्देश्य पात्र मतदाताओं को मतदाता सूची में सुनिश्चित करना और अपात्र नामों को हटाना है। चुनाव आयोग एसआईआर को पारदर्शी प्रक्रिया बताते हुए यह स्पष्ट कर चुका है कि इसका उद्देश्य है कि कोई पात्र मतदाता छूटे नहीं और कोई अपात्र व्यक्ति मतदाता सूची में शामिल न रहे।

महापौर ने कहा कि काशीपुर में भी एसआईआर की प्रक्रिया के दौरान लोगों को पर्याप्त अवसर दिए गए। बूथ लेवल अधिकारियों के माध्यम से मतदाताओं तक पहुंच बनाई गई तथा छूटे हुए लोगों से संपर्क कर आवश्यक प्रपत्र एकत्र किए गए। उन्होंने कहा कि इस पूरी प्रक्रिया में पात्र मतदाताओं के अधिकार सुरक्षित रखना प्राथमिकता है।

उन्होंने विपक्ष पर आरोप लगाते हुए कहा कि चुनाव प्रक्रिया, ईवीएम और एसआईआर जैसे विषयों को लेकर बार-बार सवाल खड़े किए जा रहे हैं। उनका कहना था कि चुनाव में परिणाम विपक्ष के अनुकूल होने पर वही प्रक्रिया स्वीकार्य बताई जाती है और परिणाम विपरीत होने पर चुनाव आयोग तथा ईवीएम पर सवाल उठाए जाते हैं।  बाली ने कहा कि इस तरह की राजनीति से लोकतांत्रिक संस्थाओं के प्रति जनता के विश्वास को प्रभावित करने का प्रयास नहीं किया जाना चाहिए।महापौर ने कहा कि कांग्रेस और विपक्ष द्वारा चुनाव आयोग जैसी संवैधानिक संस्थाओं पर लगातार आरोप लगाने के बजाय यदि कोई तथ्यात्मक आपत्ति है तो उसे उचित संवैधानिक और कानूनी प्रक्रिया के माध्यम से सामने रखना चाहिए। उन्होंने कहा कि चुनाव आयोग ने समय-समय पर राजनीतिक दलों के साथ संवाद करते हुए एसआईआर और चुनावी तैयारियों से संबंधित जानकारी साझा की है।

दीपक बाली ने कहा कि कांग्रेस के वरिष्ठ नेता राहुल गांधी द्वारा चुनाव आयोग और चुनावी प्रक्रिया को लेकर लगाए जा रहे आरोपों पर भी जनता को तथ्यों के आधार पर विचार करना चाहिए। उन्होंने 2019 के राफेल मामले में राहुल गांधी द्वारा की गई टिप्पणी और बाद में सुप्रीम कोर्ट में दिए गए खेद/माफी के प्रकरण का उल्लेख करते हुए कहा कि राजनीतिक नेताओं को सार्वजनिक आरोप लगाते समय तथ्यों और न्यायिक प्रक्रियाओं का ध्यान रखना चाहिए।

उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में राजनीतिक दलों को चुनावी प्रक्रिया पर सवाल उठाने का अधिकार है, लेकिन आरोप तथ्य और प्रमाण पर आधारित होने चाहिए। महापौर ने मीडिया से अपील की कि चुनाव और एसआईआर से जुड़े विषयों पर जनता तक सही और प्रमाणित जानकारी पहुंचाई जाए, ताकि किसी प्रकार का अनावश्यक भ्रम पैदा न हो।

  1. प्रेस वार्ता के दौरान महापौर ने कहा कि मतदाता सूची को अधिक सटीक और पारदर्शी बनाने की प्रक्रिया में सभी पात्र नागरिकों की भागीदारी आवश्यक है। उन्होंने कहा कि जनता को किसी भी अफवाह पर विश्वास करने के बजाय निर्वाचन आयोग द्वारा जारी आधिकारिक जानकारी पर भरोसा करना चाहिए। चुनाव आयोग की आधिकारिक वेबसाइट पर एसआईआर-2026 तथा मतदाता सेवाओं से संबंधित सुविधाएं भी उपलब्ध हैं।
Spread the love
error: Content is protected !!