कार्तिक स्वामी धाम में 108 बलमपुरी शंख पूजा का भव्य आयोजन


क्रौंच पर्वत पर स्थित उत्तर भारत के एकमात्र प्रसिद्ध कार्तिक स्वामी मंदिर में आस्था और श्रद्धा का अद्भुत संगम देखने को मिला। वर्ष 2023 से लगातार आयोजित हो रही 108 बलमपुरी शंख पूजा इस बार भी भव्य धार्मिक अनुष्ठान के साथ सम्पन्न हुई। दक्षिण भारत से पहुंचे 300 से अधिक तीर्थ पुरोहितों, पुजारियों और श्रद्धालुओं ने भगवान कार्तिकेय की विशेष पूजा-अर्चना कर सुख-समृद्धि की कामना की।
पूरे धाम में वैदिक मंत्रोच्चार और शंखनाद से भक्तिमय वातावरण बना रहा। इस दौरान भगवान कार्तिकेय के पवित्र वस्त्रों का आदान-प्रदान भी किया गया, जिसे विशेष धार्मिक परंपरा माना जाता है। यह आयोजन उत्तराखंड पर्यटन विकास परिषद और कार्तिक स्वामी मंदिर समिति के सहयोग से सम्पन्न कराया गया।
वन सचिव रविशंकर ने कहा कि उत्तराखंड सरकार कार्तिक स्वामी धाम को देशभर में धार्मिक पर्यटन के प्रमुख केंद्र के रूप में विकसित कर रही है। यही कारण है कि दक्षिण भारत से भी बड़ी संख्या में श्रद्धालु यहां पहुंच रहे हैं।
दक्षिण भारत में भगवान कार्तिकेय को मुरुगन स्वामी के रूप में पूजा जाता है, जबकि उत्तर भारत में क्रौंच पर्वत पर स्थित यह मंदिर उनकी विशेष आस्था का केंद्र माना जाता है। रुद्रप्रयाग और चमोली जनपद के 362 गांवों के आराध्य देव होने के कारण यहां वर्षभर श्रद्धालुओं का तांता लगा रहता है।
मंदिर समिति ने इस भव्य आयोजन और धाम में विकसित हो रही सुविधाओं के लिए मुख्यमंत्री का आभार भी व्यक्त किया।
