घटिया निर्माण की भेंट चढ़ा राजकीय इंटर कॉलेज उज्जवलपुर का नया भवन, डर के साये में पढ़ने को मजबूर छात्र
केंद्र और राज्य सरकार द्वारा सरकारी विद्यालयों में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के लिए सभी आवश्यक संसाधन उपलब्ध कराने के दावे किए जा रहे हैं, लेकिन जमीनी स्तर पर कार्यदायी संस्थाओं की लापरवाही इन दावों की पोल खोल रही है। ऐसा ही एक मामला चमोली जनपद के कर्णप्रयाग विकासखंड स्थित राजकीय इंटर कॉलेज उज्जवलपुर से सामने आया है, जहां नए विद्यालय भवन की हालत बेहद जर्जर हो चुकी है।
भवन की खराब स्थिति के चलते न केवल छात्र-छात्राएं बल्कि पूरा विद्यालय स्टाफ भी हर समय भय के माहौल में रहने को मजबूर है। कभी भी भवन के क्षतिग्रस्त हिस्से गिरने की आशंका बनी रहती है, जिससे पठन-पाठन बुरी तरह प्रभावित हो रहा है। इस विद्यालय में सेम, भटोली, तोप, खगेली, रामधार, सिरोली सहित आसपास के कई गांवों के छात्र-छात्राएं शिक्षा ग्रहण करते हैं।
विद्यालय के प्रधानाचार्य हरीश चन्द्र कण्डवाल ने बताया कि विद्यालय का मुख्य भवन पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो चुका है। वर्तमान में पठन-पाठन का कार्य जूनियर हाईस्कूल की इमारत में वैकल्पिक व्यवस्था के तहत संचालित किया जा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि कार्यदायी संस्था यूपी निर्माण निगम द्वारा किए गए घटिया निर्माण कार्य के कारण ही नए भवन की स्थिति दयनीय बनी हुई है।
स्थिति इतनी खराब है कि विद्यालय के एक बड़े हॉल को आठ हिस्सों में बांटकर कक्षाओं का संचालन किया जा रहा है, जिससे छात्रों को पढ़ाई में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। छात्रा कनिष्का और छात्र शशांक नवानी का कहना है कि भवन की जर्जर हालत के कारण पढ़ाई के साथ-साथ अन्य शैक्षिक गतिविधियां भी लगातार प्रभावित हो रही हैं।
अब सवाल यह है कि जिम्मेदार विभाग और कार्यदायी संस्था कब इस गंभीर समस्या पर संज्ञान लेकर छात्रों को सुरक्षित और बेहतर शैक्षणिक वातावरण उपलब्ध कराएंगे।
