उत्तराखंड की बेटी डॉ. कंचन नेगी को मिला ‘राष्ट्रीय गौरव पुरूस्कार’ एवं ‘आउटस्टैंडिंग ग्लोबल ट्रेनिंग प्रोफेशनल अवार्ड’



उत्तराखंड की बेटी डॉ. कंचन नेगी को मिला ‘राष्ट्रीय गौरव पुरूस्कार’ एवं ‘आउटस्टैंडिंग ग्लोबल ट्रेनिंग प्रोफेशनल अवार्ड’
– “नेशन्स प्राईड बुक ऑफ रिकॉर्ड्स” में नाम हुआ दर्ज
देहरादून
यूं तो सभी का जीवन चुनौतियों और अवसरों से भरा होता है लेकिन सफलता उसी को मिलती है जो चाहे कैसी भी परिस्तिथि क्यों न हो, अपने लक्ष्यों से पीछे नहीं हटता. ऐसी ही महिला सशक्तिकरण की एक मिसाल हैं देहरादून उत्तराखंड की डॉ. कंचन नेगी जो मूल निवासी हैं नारायणबगढ़ चमोली जनपद की.
डॉ. कंचन नेगी को हाल ही में राष्ट्रीय एवं अन्तराष्ट्रीय ट्रेनिंग एवं रिसर्च के क्षेत्र में ‘राष्ट्रीय गौरव पुरूस्कार’ से सम्मानित किया गया जिसके मिलते ही डॉ. कंचन नेगी का नाम “नेशन्स प्राईड बुक ऑफ रिकॉर्ड्स” में अंकित हो गया है।

. देश के टॉप 10 गणमान्य व्यक्तियों को शिक्षा, स्वास्थ्य, सामाजिक कार्यकर्ता व व्यवसायी इत्यागी श्रेणी में यह सम्मान दिया गया जिसमें डॉ कंचन नेगी ने उत्तराखंड का नाम रोशन किया.
यही नहीं , राष्ट्रीय गौरव पुरूस्कार के साथ – साथ इन्हें ‘आउटस्टैंडिंग ग्लोबल ट्रेनिंग प्रोफेशनल अवार्ड’ से भी सम्मानित किया गया जो कि ग्लोबल एजूकेशन सम्मिट 2021 द्वारा आयोजित किया गया था.
बता दें , डॉ. कंचन नेगी , एक अंतरराष्ट्रीय ट्रेनर, रिसर्च एवं डेवेलेपमेंट एक्सपर्ट हैं, जानी – मानी काउंसलर हैं, सीनियर कन्सल्टेंट हैं, आपका बिजनेस सोल्युशेंस एवं सेंगुइन वी केयर वेलफेयर सोसाइटी की संस्थापिका हैं, उतराखंड हैरिटेज मीडिया की एडिटर-इन-चीफ हैं और एक ग्लोबल एजुकेश्निस्ट हैं जो ये मानती हैं कि आज के समय में “शिक्षा” एवं शिक्षित होना ही सबसे बड़ी सफलता की कुंजी है और सभी शिक्षित लोगों को समाज में अपने स्तर से योगदान देना चाहिए.
डॉ. कंचन नेगी का कहना है , “सफलता का पहला सूत्र है अपनी रूची, प्रवृत्ति, क्षमता और शक्ति के अनुसार अपना लक्ष्य निर्धारित करना और उस लक्ष्य का पता चलने के बाद उस पर निरंतर अडिग रहना और सतत प्रयास करते रहना. सफलता के मार्ग पर अनिश्चितता एक बड़ी बाधा है। जब आप अपने जीवन की यात्रा का गंतव्य जानते हैं तो आप केवल दृढ़, और निर्णायक हो सकते हैं। अच्छी शुरूआत तो आधा काम पूरा। यदि आपने सही रास्ता चुना है तो आपका काम लगभग आधा समाप्त हो गया है। यह पहला लेकिन बहुत महत्वपूर्ण कदम है। यह एक ऐसा कदम है जो आपके भविष्य का निर्णय लेता है और आपकी सफलता या विफलता भी तय करता है। हमें अपने पेशे और करियर को चुनने में अत्यधिक सावधानी बरतनी चाहिए। हमें इच्छा से दूर नहीं जाना चाहिए। अपनी क्षमता और संसाधनों के साथ आगे बढ़ना चाहिए यही पहला कदम है सफलता का. ”
यही नही इससे पहले इनके नाम कई राज्य, राष्ट्रीय एवं अन्तराष्ट्रीय स्तरीय अवार्ड्स हैं – जैसे ‘एशियाज एक्सेप्श्नल वुमेन ऑफ़ एक्सीलेंस अवार्ड’, ‘एशिया पेसीफिक एक्सीलेंस अवार्ड’, ‘अवार्ड ऑफ़ एक्सीलेंस – इंटरनेशनल ट्रेनर’, ‘इंटरनेशनल एजुकेशन अवार्ड’ ( फॉर कॉन्ट्रिब्यूशन एट इंटरनेशनल स्टेज), ‘वुमेन सुपर अचीवर अवार्ड’, ‘इंडियन ग्लोरी अवार्ड्स’, ‘द रीयल सुपर वुमन अवार्ड’, ‘ह्यूमैनिटेरियन एक्सीलेंस अवार्ड’, ‘बेस्ट इंटरनेशनल ट्रेनर अवार्ड’, ‘मोस्ट इन्सपीरेशनल वुमन अवार्ड,’ ‘नारी शक्ति सम्मान’, ‘मातृ शक्ति सम्मान, इत्यादि
हमें गर्व है डॉ. कंचन नेगी पर और उम्मीद है कि वो इसी तरह आगे भी हमारे प्रदेश और हमारे देश का नाम रोशन करती रहेंगी .

