पोखरी में भालू के आतंक के खिलाफ ग्रामीणों का जुलूस, वन विभाग के खिलाफ की नारेबाजी
पोखरी में भालू के आतंक के खिलाफ ग्रामीणों का जुलूस, वन विभाग के खिलाफ की नारेबाजी
तीसरे दिन भी तहसील परिसर में जनप्रतिनिधियों का धरना जारी, डीएफओ ने प्रभावित गांवों में पहुंचकर सुनी ग्रामीणों की समस्याएं
पोखरी (चमोली)। पोखरी विकासखंड में भालू के लगातार बढ़ते आतंक से परेशान ग्रामीणों का आक्रोश बुधवार को सड़कों पर दिखाई दिया। भालू के हमलों से निजात दिलाने और जंगली जानवरों के आतंक पर प्रभावी रोक लगाने की मांग को लेकर विभिन्न गांवों के जनप्रतिनिधियों और ग्रामीणों ने जुलूस निकालकर प्रदर्शन किया। इस दौरान ग्रामीणों ने शासन-प्रशासन और वन विभाग के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।
बुधवार को भिखोना, बंगथल, कांडई, चंदशिला, जौरासी, तोणजी,बग्थल, किमोठा, डुंगर, पोखरी नगर क्षेत्र सहित आसपास के कई गांवों के जनप्रतिनिधि और ग्रामीणों ने विनायकधार से पेट्रोल पंप तक जुलूस निकाला। प्रदर्शनकारियों ने कहा कि क्षेत्र में भालू लगातार गोशालाओं को तोड़कर मवेशियों पर हमला कर रहे हैं, जिससे पशुपालकों को भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है। भालू की बढ़ती सक्रियता के कारण ग्रामीण दहशत के माहौल में जीने को मजबूर हैं।
ग्रामीणों ने कहा कि क्षेत्र में केवल भालू ही नहीं, बल्कि बंदर, जंगली सूअर और लंगूर भी खेती को भारी नुकसान पहुंचा रहे हैं। जंगली जानवरों के लगातार बढ़ते उत्पात से ग्रामीणों की खेती चौपट हो रही है। इससे लोग खेती छोड़ने और गांवों से पलायन करने को मजबूर हो रहे हैं। ग्रामीणों ने जंगली जानवरों के आतंक से निजात दिलाने के लिए ठोस और प्रभावी कदम उठाने की मांग की।
इधर, तहसील परिसर में जनप्रतिनिधियों का धरना तीसरे दिन भी जारी रहा। प्रदर्शनकारियों ने मांग पूरी होने तक आंदोलन जारी रखने की बात कही। इस दौरान किमोठा के ग्राम प्रधान हरिकृष्ण किमोठी, विधायक प्रतिनिधि धीरेंद्र सिंह राणा, पूर्व प्रमुख प्रीति भंडारी, अधिवक्ता श्रवण सती, ज्येष्ठ उपप्रमुख ऊषा कण्डारी, इंद्र प्रकाश रडवाल, प्रधान संगठन के ब्लॉक अध्यक्ष तेजपाल सिंह रावत, पूर्व छात्रसंघ अध्यक्ष सुरज खत्री, मंदोदरी पंत, कल्पना बर्त्वाल सहित बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि और ग्रामीण मौजूद रहे।
वहीं, ग्रामीणों की बढ़ती नाराजगी के बीच केदारनाथ वन्यजीव प्रभाग के प्रभागीय वनाधिकारी (डीएफओ) रजत समन भालू प्रभावित बंगथल और भिकोना गांव पहुंचे। उन्होंने ग्रामीणों से मुलाकात कर उनकी समस्याएं सुनीं और सुरक्षा के लिए आवश्यक कार्रवाई का आश्वासन दिया।
डीएफओ ने बताया कि क्षेत्र में वन विभाग की टीमें लगातार गश्त कर रही हैं। भालू को पकड़ने के लिए पिंजरा भी लगाया गया है। उन्होंने भालू के हमलों से प्रभावित परिवारों को नियमानुसार उचित मुआवजा देने की बात कही। इस दौरान ग्रामीणों ने भालू की बढ़ती सक्रियता पर चिंता जताते हुए आबादी वाले क्षेत्रों में सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम करने की मांग की। मौके पर एसडीओ मोहन सिंह, वन क्षेत्राधिकारी कपिल गुसाईं सहित वन विभाग के अन्य कर्मचारी मौजूद रहे।
