मतदाता सूची के शुद्धीकरण को चमोली में घर-घर सत्यापन अभियान तेज।

हटाई गई मतदाता प्रविष्टियों का पुनः सत्यापन, नए मतदाताओं के पंजीकरण पर जोर।
जनपद चमोली की तीनों विधानसभा क्षेत्रों बदरीनाथ, थराली और कर्णप्रयाग में मतदाता सूची को शुद्ध, पारदर्शी एवं अद्यतन बनाने के लिए बूथ लेवल अधिकारियों (बीएलओ) द्वारा घर-घर जाकर मतदाताओं से संपर्क किया जा रहा है। भारत निर्वाचन आयोग के निर्देशों के क्रम में विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के दौरान हटाई गई मतदाता प्रविष्टियों का पुनः सत्यापन करने के साथ ही पात्र नए मतदाताओं को सूची में शामिल करने के लिए जागरूक किया जा रहा है।

अभियान के तहत विभिन्न मतदान केंद्रों पर मतदाता सूची के प्रकाशन एवं अवलोकन के साथ ही घर-घर जाकर मतदाताओं की जानकारी का सत्यापन किया जा रहा है। विधानसभा क्षेत्र थराली के बूथ संख्या 189 पर मतदाता सूची का अवलोकन किया गया। वहीं भाग संख्या 187 खेता, देवाल में भी सत्यापन संबंधी गतिविधियां संचालित की गईं।
इसके अतिरिक्त कंडवालगांव, बेडूला, रैंस में भी घरों का भ्रमण कर मतदाताओं से संपर्क किया गया। भाग संख्या 141 देवराड़ा, बूथ संख्या 171 बूंगा और बूथ संख्या 146 बैनोली सहित अन्य स्थानों पर भी बीएलओ द्वारा घर-घर जाकर सत्यापन कार्य किया जा रहा है।


सत्यापन अभियान के दौरान यह सुनिश्चित करने पर विशेष जोर दिया जा रहा है कि कोई भी पात्र मतदाता सूची में नाम दर्ज कराने से वंचित न रहे। एसआईआर के दौरान हटाई गई प्रविष्टियों की वास्तविक स्थिति की जांच करने के साथ ही मतदाता सूची में त्रुटियों को दूर कर इसकी शुद्धता बनाए रखने का प्रयास किया जा रहा है।
अभियान के अंतर्गत युवाओं एवं पहली बार मतदान करने के योग्य नागरिकों को भी मतदाता सूची में नाम दर्ज कराने के लिए प्रेरित किया जा रहा है। इसके लिए फार्म-6, नाम हटाने के लिए फार्म-7 तथा नाम, पता एवं अन्य विवरणों में संशोधन के लिए फार्म-8 की प्रक्रिया की जानकारी दी जा रही है।
इसके अतिरिक्त जनपद में स्वीप (SVEEP) कार्यक्रम के तहत मतदाता जागरूकता गतिविधियां भी संचालित की जा रही हैं। विद्यालयों एवं उच्च शिक्षण संस्थानों में जागरूकता कार्यक्रमों और प्रतियोगिताओं के माध्यम से युवाओं को मतदान के महत्व, लोकतांत्रिक अधिकारों तथा नागरिक कर्तव्यों के प्रति जागरूक किया जा रहा है।
जिला प्रशासन का उद्देश्य मतदाता सूची को अधिक सटीक एवं अद्यतन बनाने के साथ ही प्रत्येक पात्र नागरिक की लोकतांत्रिक प्रक्रिया में भागीदारी सुनिश्चित करना है। इसके लिए संबंधित अधिकारियों एवं बीएलओ को सत्यापन कार्य गंभीरता और समयबद्धता के साथ संपन्न करने के निर्देश दिए गये हैं।
